हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब हल्द्वानी में खिचड़ी महोत्सव का आयोजन कर सियासी माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में डबल इंजन स्टार्ट ही नहीं हो पा रहा है। जबकि सिंगल इंजन की सरकार में जनहित से जुड़ी तमाम योजनाएं लागू की गई थी।
दमुवाढूंगा में एक स्कूल में आयोजित खिचड़ी महोत्सव (सामूहिक प्रीतिभोज) में हरीश रावत ने कहा कहा कि पौने पांच वर्ष की केंद्र सरकार में किसी को रोजगार नहीं मिला। किसी के खाते में 15 लाख रुपये नहीं आए। खिचड़ी महोत्सव के आयोजन पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में भी ऐसे आयोजन किए थे। सरकार में न होने के बाद भी कांग्रेस के सामाजिक समरसता के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। रावत ने हरियाणा में होने वाली जूडो कराटे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जा रहे आठ प्रतिभागियों और सात पार्षदों को सम्मानित किया। इससे पूर्व रावत ने लामाचौड़ में पुरुषोत्तम सनवाल के आवास पर लोगों से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, दान सिंह भंडारी, प्रयाग दत्त भट्ट, नारायण पाल, ललित जोशी, रमेश गिरी गोस्वामी, महेशानंद, रेनू टम्टा, खजान पांडे, राहुल सोनकर आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड में स्टार्ट नहीं हो रहा डबल इंजन : रावत
खिचड़ी पार्टी के बहाने 19 के लिए पूर्व सीएम ने बनाया माहौल
आलाकमान के आदेश पर लडे़ेंगे चुनाव
हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जहां से आदेश देंगे वहां से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर अगर अभी पत्ते खोल दूंगा तो लोग मुझे हरीश रावत कैसे कहेंगे। पार्टी के अन्य नेताओं के खिचड़ी महोत्सव में न पहुंचने पर उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मुझे मजबूत कर रहे हैं और मैं लोगों को मजबूत करने का काम कर रहा हूं। सभी कांग्रेसजन साथ हैं और कोई विरोध नहीं है।
निकाय चुनाव में हार का प्रसाद बंटा खिचड़ी में : सुमित
हल्द्वानी। खिचड़ी महोत्सव को लेकर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के बेटे और आईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश ने पूर्व सीएम और उनके करीबियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खिचड़ी महोत्सव में नगर निकाय चुनाव में हुई हार का प्रसाद बांटा गया है। दरअसल, खिचड़ी महोत्सव में लगे बैनर में पार्टी से निष्कासित खजान पांडे का फोटो भी छपा था।
सुमित हृदयेश ने कहा कि पार्टी से निष्कासित लोग अब भी अपने को महासचिव बता रहे हैं। निष्कासित नेताओं की बड़ी फोटो लगाकर बडे़ नेता जी ने निकाय चुनावों में अपने किरदार का भी साफ संकेत दिया है। उधर, खजान पांडे का कहना है कि शिल्पकार समाज के सम्मान में खिचड़ी महोत्सव का आयोजन किया गया था। कुछ नेताओं का महोत्सव में न आना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह किसी की जीत या हार का जश्न नहीं बल्कि उत्तरायणी पर्व के अवसर पर भोज आयोजित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि निष्कासन संबंधी कोई भी आदेश पार्टी की ओर से लिखित में नहीं मिला है।