हल्द्वानी। पानी की कमी से जूझ रहे शहर के लोग एक-एक लीटर पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं और गौला बैराज के गेटों की मरम्मत न होने से करीब करीब आठ एमएलडी पानी का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। गौला का जलस्तर कम होने से भी यह संकट और गहरा गया है। सिंचाई विभाग पर खेतों को पानी देने का दबाव भी है। इन सब कारणों के चलते शहर की पेयजल सप्लाई को करीब आठ एमएलडी पानी नहीं मिल पा रहा है।
गौला बैराज से क्षेत्र के पेयजल के लिए 34.5 एमएलडी पानी दिया जाता है। सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी केेएस बिष्ट का कहना है कि बैराज के गेट खराब होने से करीब 10 क्यूसेक पानी का रिसाव हो रहा है। जिस वजह से नहरों और ट्रीटमेंट प्लांट को पूरा पानी नहीं जा पा रहा है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय भी स्वीकार करते हैं कि ट्रीटमेंट प्लांट को पूरा पानी नहीं मिलने से शहर की पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई है। गौला का जलस्तर भी 50 क्यूसेक से नीचे आ गया है।
गौला बैराज से हल्द्वानी की पेयजल के अलावा गौलावार और गौलापार क्षेत्र की सिंचाई होती है। जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल का कहना है कि सिंचाई विभाग गौलापार को सिंचाई के लिए अधिक पानी दे रहा है। कुल मिलाकर हर रोज करीब आठ एमएलडी पानी ट्रीटमेंट प्लांट को नहीं मिल पा रहा है।
गौला बैराज से 80 लाख लीटर पानी की हर रोज हो रही बर्बादी
गेटों की मरम्मत न होने से रिस रहा है पानी, शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित
गौला का जलस्तर नीचे जाने से और गहराया संकट