भवाली (नैनीताल)। तीन दशक पुराने स्थानीय राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को अपना भवन तक नहीं मिल सका है। इस कारण यहां मंजूर कुल तीन ट्रेडों में से एक ट्रेड में किसी विद्यार्थी का प्रवेश नहीं हुआ, बाकी दो ट्रेडों में कुल विद्यार्थियों की संख्या मात्र 18 है। उत्तर प्रदेश सरकार के जमाने में वर्ष 1985 में यहां इलेक्ट्रीशियन, कटिंग, स्टेनो ट्रेड खोले गए। शुरुआत में भवन नहीं मिला। इसलिए आईटीआई को किराए के भवन में चलाया गया। इस आईटीआई में सिर्फ एक छोटी सी लैब बनी है। यहां इलेक्ट्रीशियन में आठ, स्टेनोग्राफी में 10 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जबकि प्रमोशन होने के कारण स्टेनो ट्रेड के शिक्षक भी जा चुके हैं। उनके स्थान पर दूसरे अनुदेशक को नहीं भेजा गया है। प्रभारी प्रधानाचार्य गोविंदी बिष्ट का कहना है कि मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन समेत अन्य रोजगारपरक ट्रेड खुलने पर यहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।