हल्द्वानी। ई-वे बिल लागू हुए करीब दो हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों में ई-वे बिल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बिल बनाने के बाद बिल जांचने में दिक्कत हो रही हैं। इससे व्यापारी, ट्रांसपोर्टर परेशान हैं।
जीएसटी में माल को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश ले जाने के लिए ई-वे बिल लागू किया गया है। बिल बनाने में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। अगर व्यापारी माल का ई-वे बिल बना देता है, मगर इस बिल में ट्रांसपोर्टर की जीएसटी पहचान संख्या नहीं देता है, वहीं ट्रांसपोर्टर भी बिल बनाता है। इससे दो ई-वे बिल बन जाते हैं, जिसके बाद बिल की जांच में दिक्कत हो रही है। राज्य कर अधिकारियों का दावा है कि यदि व्यापारी बिल बनाते समय ट्रांसपोर्टर की आईडी दे दें तो यह समस्या नहीं होगी। सहायक आयुक्त विनय प्रकाश ओझा ने बताया कि ई-वे बिल को लेकर हेल्पडेस्क बनी है। यदि व्यापारी, ट्रांसपोर्टर को समस्या है तो डेस्क, राज्य कर अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।