हल्द्वानी। स्थापना के चार दशक बाद भी उचित सेवा शर्तों समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक कर्मियों ने तीन दिनी हड़ताल शुरू कर दी है। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप रहा। बैंक के ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताली बैंक कर्मियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर शासन को ज्ञापन भेजा।
शासन को भेजे गए ज्ञापन में बैंकिंग पेंशन समानता का लागू करने, ग्रामीण बैंकों तके निजीकरण, पब्लिक इश्यू के प्रस्ताव वापस लेने, अगस्त 2014 से अनुकंपा नियुक्तियों की सुविधा लागू करने, बैंकिंग उद्योग की तर्ज पर कंप्यूटर इंक्रीमेंट सुविधा, प्रायोजक बैंकों की भांति सभी सुविधाएं देने, ग्रामीण बैंकों को भारतीय बैंकर्स संघ (आईबीए) के साथ वार्ता मंच में शामिल करने आदि मांगें की गई हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में चंडी प्रसाद भट्ट, पुष्कर सिंह बिष्ट, सगुण शुक्ला, टीएस जंगपांगी, आरएएस दिनकर, पीयूष गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, पंकज नरुला, कुलवंत सिंह रावत, वीसी पंत, प्रवीण गोयल आदि थे।
कामकाज ठप, उपभोक्ता परेशान रहे
बैंक दो दिन और बंद रहेंगे