हल्द्वानी। जीएसटी पोर्टल में एक के बाद एक नई तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इस बार तिमाही रिटर्न जमा करने के लिए समाधान विकल्प लेने वाले कारोबारियों को भी मासिक रिटर्न जमा करने का नोटिस पहुंचने की शिकायत सामने आई है।
वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद व्यापारियों को प्रत्येक महीने में तीन-तीन रिटर्न जीएसटी आर 1, 2, 3 बी जमा करने का प्रावधान है। इस झंझट से बचने के लिए व्यापारियों को जीएसटी में ही समाधान विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है। इस विकल्प में व्यापारियों को तीन माह में सिर्फ एक बार जीएसटी आर-4 रिटर्न जमा कर खरीद-बिक्री का ब्योरा देना होता है। इधर अब समाधान लेने वाले व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ गई है। ऐसे व्यापारी जिन्होंने तिमाही रिटर्न जमा कर दिया है फिर भी मासिक रिटर्न जमा करने के नोटिस पहुंच रहे हैं। ऐसे दो दर्जन से ज्यादा व्यापारियों को समस्या झेलनी पड़ रही है।
केस स्टडी
राज्य कर खंड तीन के एक स्पोर्ट्स के सामान विक्रेता ने 16 अगस्त से पूर्व समाधान विकल्प लिया था। उन्होंने जुलाई से सितंबर, अक्टूबर से दिसंबर तिमाही का रिटर्न भी जमा कर दिया है। अब उन्हें हाल ही में मासिक रिटर्न जमा करने का नोटिस पहुंचा है। नोटिस मिलने पर वह स्तब्ध रह गए। इधर जब राज्य कर अधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने नोटिस का जवाब देने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है, यदि ऐसी कोई शिकायत आएगी तो निदान किया जाएगा। जिन व्यापारियों ने तिमाही रिटर्न दे दिया है उन्हें मासिक देने की जरूरत नहीं है।
पीएस डुंगरियाल, संयुक्त आयुक्त, राज्य कर हल्द्वानी