फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समीक्षा बैठक में बयां किया विधायकों ने काम न होने का दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। जिला विकास योजना की समीक्षा बैठक में सत्ता पक्ष के विधायकों की पीड़ा भी खुलकर सामने आ गई। विधायक साफ कह रहे हैं कि विकास योजनाओं के लिए सरकार बजट दे रही है लेकिन अधिकारी बताते नहीं। विधायकों की शिकायत पर जब कुछ अधिकारी प्रभारी मंत्री हरक सिंह को आंकड़े बताने लगे तो प्रभारी मंत्री को कहना पड़ा कि अधिकारी उन्हें पट्टी पहाड़े न पढ़ाएं।
विज्ञापन

समीक्षा बैठक के शुरू में डीएम ने प्रभारी मंत्री को विभिन्न योजनाओं में मिली धनराशि और अब तक खर्च की गई धनराशि की जानकारी देते बताया कहा कि 31 जनवरी तक इन योजनाओं में 83.86 फीसदी धनराशि खर्च हो चुकी है। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों की पीठ थपथपाई ही थी कि तभी नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने कहा कि 83.86 फीसदी धनराशि खर्च होने के बाद भी धरातल पर विकास कार्य कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। लोनिवि की समीक्षा के दौरान ईई रणजीत सिंह रावत ने बताया कि विभाग में 31 करोड़ का बैकलाग है और वह जिला योजना में मिली धनराशि से नए कार्यो के बजाए पुराने और अधूरे कार्यो को पूरा कराते हुए देनदारियां निपटा रहे हैं। इस पर प्रभारी मंत्री को कहना पड़ा कि यह अच्छी परंपरा नहीं है और जिला योजना बैक लाग निपटाने के लिए नहीं है।
विधायकों ने प्रभारी मंत्री से जिला योजना की धनराशि को बढ़ाने की मांग करते हुए इसे जिले के लिए नाकाफी करार दिया। विधायक नवीन दुम्का ने जिला योजना में स्वीकृत सड़कों का शासनादेश न आने, दो साल से चोरगलिया में ओवर हैड टैंक का निर्माण पूरा न होने और गौरा देवी कन्या धन योजना के बंद होने के बाद भी कई स्कूलों में प्रधानाचार्यों द्वारा बच्चों से योजना के आवेदन कराने का मुद्दा उठाया। बंशीधर भगत इस बात को लेकर परेशान दिखे कि पीएमजीएसवाई द्वारा किए गए सर्वे में काठगोदाम से भदयूनी की दूरी आठ किलोमीटर बताई गई। आठ किलोमीटर कटान होने के बाद सड़क भदयूनी गांव तक पहुंची ही नहीं।
विज्ञापन

भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा का भी कहना था कि उनकी विधानसभा में काम नहीं हो रहे हैं। कैड़ा ने तो यहां तक कहा कि विकास कार्य न होने से क्षुब्ध कई विधायक तो सरकार के खिलाफ धरने पर इसलिए नहीं बैठ रहें हैं क्योंकि उनकी अपनी सरकार है। इस पर प्रभारी मंत्री ने कैड़ा को यह कहकर समझाया कि सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का। लगभग तीन घंटे तक चली बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री को कई बार अपने ही विधायकों को समझाना पड़ा।
विज्ञापन


जिला विकास की समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री हरक के सामने उभर आई नाराजगी
हरक बोले, अधिकारी आंकड़ों के बहाने पहाड़े न पढ़ाएं
कैड़ा को समझाया-सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें