हल्द्वानी। त्रिवेंद्र सरकार के पहली अक्तूबर से गौला में खनन शुरू करने के आदेश को झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के बाद इलेक्ट्रानिक तौल कांटों की निविदा स्थगित कर दी है। अब पांच अक्तूबर को सुनवाई के बाद ही फैसला होगा। हालांकि विभागीय जानकारों का दावा है कि पुरानी संस्था को भी कांटों का संचालन देकर खनन शुरू कराया जा सकता है।
हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा समिति अर्जुनपुर ने उच्च न्यायालय में निविदा को लेकर याचिका दायर की। हाल ही में शासन ने गौला में किसी भी कीमत पर पहली अक्तूबर से खनन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर वन, वन निगम ने जोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी थी। ई रवन्ना के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि की निविदा पूर्व में ही हो चुकी है सिर्फ इलेक्ट्रानिक कांटों को लेकर होनी थी। दरअसल नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा का समय 31 मई को समाप्त हुआ है। अब इस निविदा को लेकर बवाल हो गया है। जहां तकनीकी निविदा में बाहर हुए ठेकेदारों ने वन निगम पर लाखों लेकर दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरेाप लगाते हुए निविदा निरस्त करने की मांग की थी तो योग्य ठेकेदारों ने ही निविदा पर सवाल उठा दिए। इसके बाद उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप कर दिया इससे पहली अक्तूबर से खनन होता बेहद मुश्किल लग रहा है क्योंकि वाहनों की तुलाई नहीं होने पर उप खनिज निकासी नहीं दी जा सकती है। वहीं वन निगम के आला अधिकारी पहली अक्तूबर से ही खनन खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं।
नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा में भी शामिल हैं राजू जोशी
उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाली समिति के सदस्य राजू जोशी नंधौर हल्द्वानी उज्ज्वल धर्मकांटा और हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा दोनों ही समितियों में शामिल हैं। पिछली बार भी वह ठेका पाने वाली समिति के सदस्य थे इस बार भी तकनीकी निविदा में क्वालीफाई करने वाली चार कंपनियों में से एक हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा में वह शामिल हैं।