नैनीताल। उत्तराखंड में सियासी संकट के दौरान राजनैतिक दलों का हाईकोर्ट की शरण लेने का दौर जारी है। पूर्व वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के साथ पूर्व सीएम हरीश रावत समर्थक 31 अन्य विधायकों ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत लगाए गए राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है। इस प्रकरण पर सुनवाई सोमवार को हो सकती है।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इंदिरा हृदयेश के साथ याचिका फाइल करने वाले विधायकों में दिनेश धनै, हरिदास, सरवत करीम अंसारी, ललित फर्स्वाण, मदन बिष्ट, रेखा आर्या, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, सरिता आर्या, यशपाल आर्या, आरवी गार्डनर, मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रीतम सिंह पंवार, हरीश चंद दुर्गापाल, दिनेश अग्रवाल, राज कुमार, हीरा सिंह बिष्ट, ममता राकेश, फुरकान अहमद, सुंदर लाल मंद्रवाल, गणेश गोदियाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, मयूख महर, नारायण राम, विजय पाल, राजेंद्र भंडारी, प्रो. जीत राम, प्रीतम सिंह, नवप्रभात, अनुसूया प्रसाद मैखुरी तथा विक्रम सिंह नेगी शामिल हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति शासन के आदेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की निर्वाचित सरकार को दोबारा अस्तित्व में लाने तथा राष्ट्रपति शासन पर रोक लगाते हुए उनके सभी अधिकार बहाल करने की मांग की गई है।