हल्द्वानी। राज्य के डिग्री कालेजों में जल्द ही करीब 300 कामचलाऊ अत्यंत अस्थायी अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसका प्रस्ताव उच्चशिक्षा निदेशालय ने शासन को भेजा है जिस पर शासन में प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
उच्चशिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश में 105 राजकीय महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए कामचलाऊ व्यवस्था के तहत अत्यंत नितांत अस्थायी तौर पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती की थी। इन अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल एक सत्र के लिए ही होता है।
लिहाजा मार्च में कामचलाऊ अतिथि शिक्षकों की सेवाएं पिछले माह मार्च में समाप्त हो गई थीं। इनका कार्यकाल बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होती कि इससे पहले ही होली पर्व के बाद कोरोना वायरस संक्रमण का हल्ला शुरू हो गया। इधर, लॉकडाउन की अवधि में शासन की ओर से डिग्री कालेजों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप या दूसरे डिजीटल संसाधनों से पढ़ाने के आदेश जारी किए गए तो कई डिग्री कालेजों में कई विषयों की पढ़ाई प्रारंभ नहीं हो सकी।
उच्चशिक्षा निदेशक डा. अशोक कुमार ने बताया कि इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन ने शीघ्र ही अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने का आदेश जारी करने की बात कही है। उच्चशिक्षा की इस बारे में सहमति भी हो चुकी है।
नोडल अधिकारी का जबाव तलब
उच्चशिक्षा निदेशालय ने कोटद्वार महाविद्यालय की नोडल अधिकारी सीमा चौधरी का जवाब तलब किया है। निदेशालय ने सभी महाविद्यालयों के साथ ही कोटद्वार महाविद्यालय से भी ऑनलाइन पढ़ाई के बारे में निर्धारित फारमेट पर सूचना मांगी थी जिस पर कोटद्वार कालेज की नोडल अधिकारी ने सूचना अनउपलब्ध लिखकर भेज दिया। फारमेट पर यह सूचना देनी थी कि रोजाना कितने छात्र जुड़ रहे हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई की आज शासन करेगा समीक्षा
उच्चशिक्षा निदेशालय में सोमवार को डिग्री कालेजों से ऑनलाइन पढ़ाई कराए जाने की सूचनाएं तैयार कराने को लेकर पूरे दिन काम चलता रहा। लॉकडाउन में डिग्री कालेजों के प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की किस तरह आनलाइन पढ़ाई कराई, इसकी मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे शासन में अपर सचिव के साथ उच्चशिक्षा मंत्री डा. धनसिंह रावत द्वारा समीक्षा की जाएगी। सभी डिग्री कालेजों से सूचनाएं एकत्र कर निदेशालय द्वारा सुबह दस बजे से पहले शासन में अपर सचिव एमएम सेमवाल को भेजी जानी है।