हल्द्वानी। पंचायत चुनाव में रोडवेज व केमू की बसें लगाने से पर्वतीय जिलों के यात्री परेशान हैं। करीब 260 बसें कुमाऊं के विभिन्न जिलों में भेजी गई हैं। यात्रियों को अब पहले चरण के मतदान के बाद बसों के लौटने के बाद ही राहत मिलेगी।
जिले के धारी, बेतालघाट, रामगढ़ व ओखलकांडा के साथ ही कुमाऊं के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर जनपद के ब्लॉकों में बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान हुआ। पोलिंग पार्टियों को लाने-ले जाने के लिए रोडवेज व केमू बसों को लगाया गया था। इसके चलते रोडवेज व केमू स्टेशन में यात्रियों की भीड़ लगी रही। घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को बसें नहीं मिलीं।
बसें लौटेंगी तो मिलेगी राहत
हल्द्वानी। केमू की 90 फीसदी बसें चुनाव डयूटी में भेजने से रानीखेत, सेराघाट, चौखुटिया, भीमताल, भवाली, रामगढ़, नथुवाखान, लमगड़ा, शहरफाटक, द्वाराहाट आदि पर्वतीय क्षेत्रों में बस संचालन प्रभावित हुआ है। केमू यूनियन के अध्यक्ष सुरेश डसीला ने बताया कि शुक्रवार तक पास वाले क्षेत्रों में गई बस लौटने के बाद रूटों पर इनका संचालन किया जाएगा। दूसरे चरण में बसों की डिमांड कम है, ऐसे में शनिवार से नियमित बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
रोडवेज की नियमित बस सेवा चार दिन से बाधित
हल्द्वानी। काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो ने 21 जुलाई को सुरक्षा बलों को पहुंचाने के लिए 20 बसें भेजी थीं। ये बसें बुधवार को लौटीं और बृहस्पतिवार को 12 बसें फिर चुनाव ड्यूटी में चली गईं। इसके कारण हल्द्वानी से गंगोलीहाट, दिल्ली-देवाल व बांसबगड़ सेवा चार दिन से ठप है। नियमित चलने वाली बसों का संचालन बाधित होने से पर्वतीय क्षेत्र के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काठगोदाम डिपो के एआरएम राजेंद्र आर्या ने बताया कि अब दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद ही रोडवेज बसों की नियमित सेवाएं बहाल हो पाएंगी। हल्द्वानी डिपो एआरएम संजय पांडे ने बताया कि नैनीताल व गंगोलीहाट रूट की बसें चुनाव ड्यूटी में भेजी गई हैं।