रामनगर से टांडा खेम मार्ग पर गुजरना जोखिम भरा
विधायक समेत कई नेताओं को ज्ञापन सौंपने के बावजूद नहीं बन सकी सड़क
केलाखेड़ा। गांव रामनगर से गांव टांडा खेम की ओर आने जाने वाली ढाई किमी लंबी सड़क पर चलना जोखिम भरा है। सड़क का निर्माण करीब 40 साल पहले हुआ था। चार दशक में सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। मांग करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सड़क नहीं सुधार सके हैं।
गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में केलाखेड़ा के गांव रामनगर से टांडा खेम जाने के लिए ग्रामीणों को गड्ढायुक्त सड़क से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गड्ढायुक्त सड़क को देखकर उनके नाते-रिश्तेदार भी आने से बच रहे हैं। बरसात में सड़क से होकर बच्चों का स्कूल तक आना-जाना जोखिम भरा रहता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए विधायक सहित अन्य नेताओं को ज्ञापन सौंपे। कई अधिकारियों को पत्राचार भी किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। संवाद
केलाखेड़ा के गांव रामनगर से टांडा खेम मार्ग की हालत। संवाद
रामनगर से टांडा खेमा की सड़क कई साल से क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। नेताओं ने कई बार इसको बनवाने के आश्वासन दिए लेकिन सड़क बनाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई है। - मलकीत सिंह, ग्रामीण।
टांडा खेम से रामनगर आने जाने वाली सड़क कई वर्षों से क्षतिग्रस्त होने के चलते किसानों और ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे खेती सहित कई कार्य प्रभावित होते हैं। - जगदीश कांबोज, निवासी गांव रामनगर।
रामनगर टांडा खेम सड़क निर्माण कार्य मैंने मंजूर करा दिया है। यह सड़क ग्रामीण निर्माण विभाग बनवाएगा जबकि पहले यह सड़क लोनिवि के पास थी। सड़क बनाने के लिए विभागीय प्रक्रिया चल रही है। विभागीय अधिकारियों से इसकी प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। - अरविंद पांडेय, विधायक, गदरपुर।