बेतालघाट (नैनीताल)। आमबाड़ी गांव में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास 20 लाख रुपये की लागत से बना शनि सरोवर ताल सूखने लगा है। इस कारण वहां पल रहीं मछलियों की संख्या घटती जा रही है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर सरोवरताल की अनदेखी का आरोप लगाया है।
सिंचाई विभाग ने वर्ष 2008 में 20 लाख की लागत से लक्ष्मी मंदिर में शनि सरोवर ताल का निर्माण कराया था। ताकि यहां सुविधा बढ़ाकर सैलानियों की आवाजाही बढ़ सके, लेकिन वर्ष 2013 की आपदा में ताल में मलबा भरने से इस ताल को बहुत नुकसान हुआ था। इस ताल से 100 किमी दूरी पर कोसी नदी बहती है लेकिन नहर के क्षतिग्रस्त होने से कोसी का पानी शनि सरोवरताल तक नहीं पहुंच पा रहा है। मंदिर के महंत भगवान गिरी ने बताया कि सिंचाई विभाग सूखे जलस्रोतों को रिचार्ज और क्षतिग्रस्त नहरों को सुधारकर शनि सरोवर ताल को बचाया जा सकता है। मंदिर समिति अध्यक्ष रवि वर्मा ने कहा कि अगर विभाग जेसीबी से एक दिन भी खुदाई करे तो ताल तक पानी पहुंचाया जा सकता है।
सूखने लगा 20 लाख से बना शनि सरोवरताल
सरोवरताल का जलस्तर गिरने से मछलियों की संख्या घटी
सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर बेतालघाट के सरोवरताल की अनदेखी का आरोप
सिंचाई विभाग के जेई राकेश कुमार ने बताया कि ताल का सोत्र 20 फुट गहरा हो गया है। नहर के पास से वाहनों और जानवरों के आवाजाही होने से नहरें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इनमें से कुछ नहरों को सही कराया जाएगा।