नैनीताल। डीएसबी परिसर के भौतिक विज्ञान विभाग में शुक्रवार को भी कार्यशाला जारी रही। इसका विषय सूक्ष्म स्तर से वृहद स्तर तक भौतिकी का प्रसार है। पंतनगर विवि के प्राध्यापक प्रो. एचएम अग्रवाल ने नाभिकीय संलयन की तकनीक से संबंधित अपने कार्यों की जानकारी दी। आईआईटी रुड़की के प्रो. अशोक जैन ने नाभिकीय आइसोमरस क्षेत्र में चल रहे नए शोध, विकास के विषय में बताया जो कि नाभिकीय भौतिकी से संबंधित एक महत्वपूर्ण पहलू भी है।
सौर वेधशाला उदयपुर के डॉ. भुवन जोशी ने सौर उद्भेदन परिघटना की ओर से कम आवृत्ति प्रेक्षण की जानकारी दी। काशी हिंदू विवि वाराणसी के भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मलिक ने मूलभूत कणों, डार्क मैटर से संबंधित अपने सैद्धांतिक कार्य बताए। अतिथि व्याख्यान श्रंखला का अंतिम व्याख्यान आईआईटी रुड़की के प्रो. आलोक मिश्रा ने स्टिंग थ्योरी, उसके गणितीय रूप, स्पेस टाइम के उच्च आयाम एकीकरण विषयों पर अपने कार्यों को प्राथमिकता से रखा। विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. सीमा पांडे ने संचालन किया। इस मौके पर कार्यशाला के समन्वयक, विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश चंद्र चंदोला, सचिव प्रो. रमेश चंद्र, प्रो. गंगा बिष्ट, प्रो. संजय पंत, प्रो. अफसर अब्बास, प्रो. अशोक जैन, प्रो. वेंकटेश सिंह, प्रो. जगदेव सिंह, प्रो. वहाबउद्दीन, प्रो. शुचि बिष्ट, डॉ. आलोक दुर्गापाल आदि थे।
भौतिक विज्ञान कार्यशाला में विद्वानों ने दिए व्याख्यान