नैनीताल। राज्य में दो नए विश्वविद्यालय खोलने के लिए शासन स्तर पर तेजी से कवायद की जा रही है। सोमवार को देहरादून में हुई बैठक में नए विश्वविद्यालय खोलने को लेकर गहन मंथन के बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो सत्र 2020-21 से पहले नए विश्वविद्यालयों की स्थापना हो सकती है।
जानकार बताते हैं कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के तहत कोई भी विवि सौ से अधिक कॉलेजों को संबद्धता नहीं दे सकता जबकि कुमाऊं विवि से सौ से अधिक सरकारी और निजी कॉलेज संबद्ध हैं। यूजीसी के नियमों के पालन और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों की सुविधाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने अल्मोड़ा विवि के रूप में नए विश्वविद्यालय खोलने पर जोर दिया। बताया जा रहा है कुमाऊं विवि के एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के साथ आवासीय विवि को भी समायोजित कर अल्मोड़ा विवि बनाया जाएगा। गढ़वाल मंडल में भी एक नया विश्वविद्यालय खोलने को लेकर कवायद की जा रही है। इसी मुद्दे पर सोमवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह ने कुमाऊं विवि के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, प्रतिनिधि कुलपति प्रो. आरएस पथनी, आवासीय विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर नए विवि को लेकर तैयार किए जा रहे प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया। इससे पहले उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी अधिकारियों के साथ दो नए विश्वविद्यालयों मामले में कई दौर की बैठकें कर चुके हैं।
अल्मोड़ा विवि के लिए शासन में प्रस्ताव तैयार
कैबिनेट में जल्द आ सकता है राज्य के दो नए विश्वविद्यालयों का प्रस्ताव