हल्द्वानी। प्रधानमंत्री ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। टीबी मरीज को इलाज के दौरान बेहतर खुराक के लिए पोषण सहायता राशि शुरू की गई मगर 450 मरीजों को बजट न होने के कारण राशि नहीं मिल पाई है।
टीबी मरीज को इलाज के दौरान बेहतर खुराक के लिए पोषण सहायता राशि के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। योजना की शुरूआत एक अप्रैल 18 से हुई थी। खास बात यह रही कि निक्षय के नाम से चल रहे पोर्टल पर अब तक जिले से 343 मरीजों का विवरण डाला जा चुका है मगर पोर्टल में 292 की स्वीकृति दिखा रहा है। साथ ही 30 की धनराशि स्वीकृति हुई है। पोर्टल में आ रही दिक्कत के कारण पूरे मरीजों का विवरण भी नहीं आ रहा है। जबकि एक अप्रैल 18 से 31 जुलाई 18 तक 450 मरीज हो चुके हैं। एक मरीज को 500 रुपये दिए जाते हैं। मरीजों की धनराशि खाते में भेजने के लिए लगभग नौ लाख रुपये की आवश्यकता है।
जिले में चार माह में 450 टीबी मरीजों को नहीं मिली पोषण सहायता राशि
पोषण सहायता राशि के लिए लगभग नौ लाख रुपये की आवश्यकता
मरीजों को लाभ देने के लिए धनराशि मांगी गई है। बजट न होने के कारण धनराशि अभी नहीं मिल पाई है। टीबी कार्यक्रम के राज्य समन्वयक को पत्र भेजा गया है। बजट आते ही पात्रों के खाते में धनराशि चली जाएगी। सर्वर में भी सुधार किया जा रहा है।
डॉ. डीसी पनेरू, जिला क्षय रोग अधिकारी
तीन माह से 18 कर्मियों को नहीं मिला वेतन
हल्द्वानी। रिवाइजड नेशनल ट्यूबरक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत कार्यरत 18 कर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मियों का वेतन एनएचएम के तहत आता है। जिले में 18 कर्मी तैनात हैं और मई से लेकर जुलाई तक का वेतन अभी नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो बजट न होने के कारण कर्मियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। वेतन समेत अन्य खर्चों के लिए 32 लाख रुपये की जरूरत है। एनएचएम के प्रबंध निदेशक युगल किशोर पंत को वेतन संबंधी पत्रावली भेजी गई है। पत्रावली पर हस्ताक्षर होने के बाद एक सप्ताह में वेतन मिलने की उम्मीद है।