हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशालय में 11 दिनों से खाली चल रहे प्रभारी निदेशक पद पर शासन ने डॉ. जगदीश चंद्र घिल्डियाल की तैनाती कर दी है। कर्णप्रयाग पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. घिल्डियाल का संयुक्त निदेशक पद पर स्थानांतरण किया है। अग्रिम आदेशों तक उनसे प्रभारी निदेशक का प्रभार भी देखने को कहा गया है।
प्रभारी उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन के 30 जून को रिटायर होने के बाद से निदेशक का पद खाली था। शासन ने पीजी प्राचार्यों में वरिष्ठतम बेरीनाग के प्राचार्य डॉ. डीके पांडेय के समक्ष संयुक्त निदेशक और प्रभारी निदेशक का प्रभार संभालने का प्रस्ताव रखा था लेकिन उन्होंने निजी कारणों के आधार पर असमर्थता जता दी थी। इसके बाद वरिष्ठताक्रम में दूसरे नंबर पर कर्णप्रयाग पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश चंद्र घिल्डियाल के नाम पर सहमति बन पाई। आदेश बृहस्पतिवार दोपहर उच्चशिक्षा निदेशालय हल्द्वानी भी पहुंच गया। वह शुक्रवार को निदेशालय में पदभार ग्रहण करेंगे।
कई माह निलंबित भी रह चुके हैं डॉ. घिल्डियाल
हल्द्वानी। प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा बनाए गए डा. जगदीश चंद्र घिल्डियाल प्रोटोकाल उल्लंघन के मामले में कई माह निलंबित भी रहे थे। मामला तत्कालीन राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी के समय का है। तीन साल पहले डॉ. घिल्डियाल ऋषिकेश महाविद्यालय के प्राचार्य थे। उस समय तत्कालीन एसडीएम ने वीवीआईपी प्रोग्राम के मद्देनजर महाविद्यालय का कक्ष मांगा था जिसे प्राचार्य ने देने से इनकार कर दिया था। हरिद्वार डीएम की रिपोर्ट पर शासन ने इसकी जांच कराई और प्रोटोकाल उल्लंघन में प्राचार्य डॉ. घिल्डियाल को निलंबित कर दिया था।
एमबी के प्रभारी प्राचार्य पर भी हुई थी तैनाती
हल्द्वानी। एमबी कॉलेज में गलत दाखिले के मामले में उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी, एमबी के प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद, देवीधुरा के प्राचार्य डॉ. एएस उनियाल और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एनके लोहनी को पहली फरवरी को निलंबित किया गया था, तब शासन ने कर्णप्रयाग के प्राचार्य डॉ. घिल्डियाल को एमबी के प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार देखने के आदेश दिए थे लेकिन उन्होंने पत्नी की अस्वस्थता का हवाला देकर हल्द्वानी आने में असमर्थता जता दी थी।