हल्द्वानी। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने टांडा रेंजर भूपाल सिंह मेहता को निलंबित कर दिया है। हाल ही में ट्रांसफर होकर आण् रमेश चंद्र जोशी को टांडा का चार्ज सौंपा गया है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग ने रेलवे लाइन के चौड़ीकरण के लिए वन भूमि रेलवे को हस्तांतरित की है। इस चौड़ीकरण की आड़ में रेलवे के ठेकेदार ने 250 से ज्यादा पेड़ काट दिए थे। इन पेड़ों को गुपचुप ढंग से ठिकाने लगाया जा रहा था। मामला सुर्खियों में आने के बाद आला अफसरों को इसका पता चला था।
डीएफओ कल्याणी ने एसडीओ किच्छा यूसी तिवारी से प्रकरण की जांच कराई थी। इस मामले में रेंजर भूपाल सिंह मेहता, वन दरोगा, दो फारेस्ट गार्ड के खिलाफ चार्जशीट सौंपी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएफओ ने रेंजर मेहता के निलंबन की संस्तुति की थी। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने नौ जुलाई को रेंजर मेहता के निलंबन के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में डीएफओे कल्याणी ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
वन दरोगा और गार्ड भी जांच के दायरे में
हल्द्वानी। वन दरोगा माधोराम, गार्ड संपूर्णानंद और हरीश सिंह बिष्ट भी जांच में फंसे हैं। इनकी बीट से पेड़ कटान हुआ था। सूत्रों के अनुसार इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
टांडा रेंजर भूपाल सिंह मेहता निलंबित
रेलवे को हस्तांतरित वन भूमि में पेड़ कटान के मामले में गिरी गाज