हल्द्वानी। कुमाऊं के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी में व्यावसायिक निर्माण करने वालों को न तो उच्च न्यायालय का डर है और न ही इन्हें जिला प्रशासन की कोई परवाह है। पिछले वर्षों के दौरान धड़ल्ले से हुए व्यावसायिक निर्माण में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। अब जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) इस तरह के मामलों को चिह्नित करने के लिए सर्वे की तैयारी कर रहा है।
पिछले साल ही उच्च न्यायालय नैनीताल की यातायात व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया था और पार्किंग की व्यवस्था न करने वाले होटलों को सीज करने का आदेश दिया था। प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी तरह के व्यावसायिक निर्माण कार्य का भवन मानचित्र तभी स्वीकृत किया जाता है जबकि उसमें पार्किंग स्थल का भी प्रावधान हो। भवन स्वामियों द्वारा मानचित्र में तो पार्किंग स्थल दर्शाया जाता है लेकिन जब निर्माण कार्य होता है तो पार्किंग स्थल वाली भूमि में भी बहुमंजिली इमारतें खड़ी कर दी जाती हैं। यहां बरेली रोड, नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड, केमू स्टेशन के पास, रोडवेज से प्रेम टॉकीज को जाने वाली रोड, तिकोनियां क्षेत्र में तीन-चार साल के दौरान कई होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग कांप्लेक्स, मॉल, अस्पताल खुले। चंद अस्पतालों को छोड़कर अधिकतर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग स्थल नहीं है। लोगों के वाहन सड़क किनारे आड़े तिरछे खड़े रहते हैं। अस्पतालों के पास भी नाम मात्र की पार्किंग होने के कारण अस्पतालों के आसपास यातायात व्यवस्था बिगड़ती रहती है। जिला प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारियों को पता है कि शहर में कौन से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग स्थल नहीं है बावजूद इसके इनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। अब डीडीए सर्वे की बात कह रहा है। प्राधिकरण के संयुक्त सचिव पंकज कुमार उपाध्याय के मुताबिक सर्वे कर वास्तविक स्थिति को परखा जाएगा। अनियमितता मिली तो कार्रवाई की जाएगी।