हल्द्वानी। वन विभाग नए साल पर तोहफा देने जा रहा है। अब पर्यटक नंधौर वन्य जीव अभयारण्य में सफारी और होम स्टे का मजा ले सकेंगे। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नए साल के पहले हफ्ते में अभयारण्य पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत वन्य संपदा से भरपूर नंधौर का घना जंगल नैनीताल से चंपावत जिले तक फैला हुआ है। इस जंगल में वनस्पतियों और वन्य जीवों की विविधता की भरमार है। यही वजह है कि 2012 में अभयारण्य का दर्जा मिला। इधर इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से जिम कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर इस अभयारण्य में भी पर्यटन को विकसित किया जा रहा है। वन विभाग नए साल के पहले हफ्ते में पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच स्थित ककराली गेट और चंपावत-बनबसा एनएच स्थित चकरपुर गेट से सफारी सेवा शुरू करेगा। यहां से सैलानी जंगल में वन्य जीवों और वनस्पतियों का दीदार कर सकेंगे। इसके एवज में वन विभाग 100 रुपये पर्यटक और 250 रुपये जिप्सी चालक से शुल्क वसूलेगा। प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग डॉ. चंद्र शेखर सनवाल ने बताया कि सैलानियों को रात्रि में ठहरने के लिए वन विश्राम गृहों के साथ ही चार गांवों आमबाग, ठुलीगाड़, गैड़ाखली, बस्तिया को चयनित कर वहां होम स्टे की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। वहीं अभयारण्य पर्यटकों के लिए खोलने का सीधा फायदा अभयारण्य से सटे गांवों को मिलेगा। जिप्सी, होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे, नेचर गाइड से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रामीणों की आर्थिक हालात में सुधार आएगा जिससे जंगलों के किनारे बसे खाली होते गांवों की संख्या में भी कमी आएगी।
नए साल पर शुरू होगी जिप्सी सफारी और होम स्टे सेवा
02 गेटों से शुरू होगी सफारी, चार गांवों में होगा होम स्टे
100 रुपये प्रति पर्यटक वन को मिलेगी आय, 500-1000 युवाओं को रोजगार
मेहमाननवाजी और नेचर गाइड के सिखाएंगे गुर
स्थानीय लोग होम स्टे के दौरान देशी विदेशी सैलानियों के संग ढंग से बर्ताव करें इसलिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे सैलानियों को जंगल में ले जाए और वन्य संपदा, वन्य जीवों से रूबरू करा सकें।
नंधौर वन्य जीव अभयारण्य में जनवरी के पहले हफ्ते में सफारी और होम स्टे की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. पराग मधुकर धकाते वन संरक्षक पश्चिमी वन वृत्त