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आखिर क्यों नहीं उठ रहा है कमलुवागांजा गोदाम का चावल

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हल्द्वानी। छह महीने बाद भी कमलुवागांजा गोदाम से खराब चावल नहीं बदला गया है। अब भी गोदाम में 5500 क्विंटल खराब चावल पड़ा हुआ है। अधिकारी मिलों के चक्कर काटकर उनसे चावल देने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। छह महीने बाद भी चावल मिलों को काली सूची में नहीं डाला गया है। उधर विभाग की लापरवाही यह है कि विभाग अपना चावल तो बदलवा नहीं पाया और एफसीआई से चावल मंगवा लिया गया।
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जुलाई में मंडी और कमलुवागांजा स्टेट पूल गोदाम से चावल के सैंपल लिए गए थे। इनमें से दोनों गोदाम के 39 चट्टे फेल हो गए। इसके बाद मंडी गोदाम में लगा चावल मिलों ने बदल दिया। अभी भी कमलुवागांजा गोदाम में खराब चावल पड़ा हुआ है। सवाल उठ रहे हैं कि अधिकारी आखिर क्यों इस चावल को बीआरएल करके इसकी नीलामी करा रहे हैं। जबकि अल्मोड़ा, चमोली, रानीखेत और नैनीताल जिले में चावल की भारी कमी बनी हुई है।
खराब चावल लगाने वालों को बख्श दिया
हल्द्वानी। कमलुवागांजा गोदाम में खराब चावल लगाने पर दिनेश बिष्ट और राम गोपाल गुप्ता को निलंबित किया गया है। इन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं कि इन्होंने खराब गुणवत्ता का चावल गोदाम में लगाया गया। संभागीय खाद्य नियंत्रक ललित मोहन रयाल ने चावल की जांच कराई तो उसमें गोदाम का पूरा चावल खराब पाया गया। गोदाम में लगे सभी चावल को बीआरएल घोषित कर दिया गया। संभागीय खाद्य नियंत्रक ललित मोहन रयाल ने गोदाम में खराब चावल लगाने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी गई तो इसमें चार कर्मचारियों के नाम आए थे। इन्होंने भी गोदाम में खराब चावल लगाया था। इसमें से दो कर्मचारियों के पर कार्रवाई हो गई है। एक कर्मचारी की मौत हो गई है। एक कर्मचारी पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
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कमलुवागांजा गोदाम में शुक्रवार को 5500 क्विंटल खराब चावल बचा है। इसे अभी बदला नहीं गया है। डिप्टी आरएमओ शनिवार को चावल मिलों के पास गए थे। उनसे जल्दी चावल बदलने के लिए कहा जा रहा है। सोमवार को एफसीआई से पीडीएस गोदाम में चावल उतरा है। - कृष्ण कुमार वरिष्ठ विपणन निरीक्षक
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