नैनीताल। काशीपुर में बालिका से दुराचार के बाद हत्या के मामले में निचली अदालत की ओर से अभियुक्त करनदीप शर्मा को फांसी की सजा देने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के मुताबिक 26 जून 2016 को पीड़िता के पिता ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि आरोपी करनदीप शर्मा (निवासी बाली पेट्रोल पंप फसियापुर अलीगंज रोड काशीपुर) ने उसकी आठ वर्षीय बेटी की दुराचार के बाद हत्या की। काशीपुर पुलिस ने करनदीप के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 व पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की गिरफ्तारी भी किया। निचली अदालत में हुई सुनवाई के बाद जांच अधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को बालिका से दुराचार और उसकी हत्या करने का दोषी पाया। तीन अप्रैल 2017 को उसे फांसी की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही उच्च न्यायालय को मृत्यु की पुष्टि के लिए मामले को संदर्भित किया। याची के अधिवक्ता ने बताया कि अभियुक्त अपराध में संलिप्त नहीं था। निचली अदालत ने बिना साक्ष्य का अध्ययन किए आदेश सुना दिया। मामले को दुर्लभतम श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। खंडपीठ ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है।