हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में कैंसर से पीड़ित मरीज की मौत पर शनिवार शाम परिजनों ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि उसके इलाज में लापरवाही बरती गई है। आरोप है कि उनकी डॉक्टरों से हाथापाई हो गई। उन्होंने वार्ड में तोड़फोड़ कर जैव चिकित्सीय कचर वहां बिखेर दिया। पुलिस समझाने गई तो परिजन उससे भी भिड़ गए। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।
बेतालघाट निवासी गोपाल सिंह (61) एक महीने से सुशीला तिवारी अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रहे थे। डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें मुंह से खाना देने से मना कर दिया था। शनिवार की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप है कि उन्होंने तीन डॉक्टरों से हाथापाई करने के बाद वार्ड के शीशे तोड़ दिए। हंगामे की सूचना मिलने के बाद मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि परिजन पुलिस से भी भिड़ गए। पुलिस ने किसी प्रकार गोपाल सिंह के दोनों बेटों प्रशांत सिंह, गोविंद सिंह, रिश्तेदारों आदर्श कालोनी काठगोदाम निवासी गोधन सिंह बोरा पुत्र दीप सिंह बोरा, नई सेना कटवा डांगर निवासी लक्ष्मण तड़ागी पुत्र राजेंद्र सिंह तड़ागी को हिरासत में ले लिया। मेडिकल जांच कराने पर पता चला कि गोधन सिंह और लक्ष्मण सिंह ने शराब का सेवन किया है। नशे में धुत होने के कारण वे काफी बवाल कर रहे थे।
डॉक्टरों ने मरीज को ट्यूब से खाना खिलाने की सलाह दी थी लेकिन परिजन मुंह से खाना देने लगे। फेफड़ों के कैंसर के चलते उसके शरीर के कई अंग जवाब दे चुके थे। फिर भी डॉक्टर उनकी देख रेख में लगे थे। इस मामले में अस्पताल की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - डॉ. एके पांडे अधीक्षक सुशीला तिवारी अस्पताल