हल्द्वानी। मुख्यमंत्री ने भले ही राज्य के बिगड़े स्वास्थ्य सिस्टम को सुधारने के लिए जिला अस्पतालों पर नजर रखने का निर्णय लिया हो मगर उनकी योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही है। अधिकारी जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं। कुमाऊं के 17 सरकारी अस्पतालों (मेडिकल कालेज को छोड़कर) में से एक भी अस्पताल मुख्यमंत्री के मोबाइल से नहीं जुड़ा है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने फरमान सुनाया था कि अपने मोबाइल से जिला अस्पतालों पर नजर रखेंगे। वाईफाई के माध्यम से जिला अस्पतालों को मुख्यमंत्री के मोबाइल से जोड़ा जाना था। इनमें पिथौरागढ़ के दो, बागेश्वर का एक, चंपावत के दो, अल्मोड़ा के चार, नैनीताल के छह और ऊधमसिंह नगर के दो अस्पताल शामिल हैं। मुख्यमंत्री के फरमान को एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया है मगर कोई भी अस्पताल अभी नहीं जुड़ा है। निदेशक स्वास्थ्य कुमाऊं डॉ. मीना भट्ट का कहना है कि जिला अस्पतालों में सीसीटीवी पहले से लगे हैं। कैमरों को चेक करा लिया गया है। आगे का काम एनआईसी को करना है। जबकि अपर सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडे ने कहा कि एनआईसी की कोई भूमिका नहीं है। इंटरनेट की जरूरत है और वाईफाई से अस्पताल मुख्यमंत्री के मोबाइल से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही कुमाऊं के सभी अस्पतालों को मुख्यमंत्री अपने मोबाइल पर देख सकेंगे।