हल्द्वानी। गौला नदी में खनन में लगे यूपी, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल समेत बाहरी प्रदेशों के वाहन स्वामियों के लिए राहत की खबर है। जिला खनन समिति ने इन वाहनों को उत्तराखंड के परिवहन विभाग में पंजीयन कर नए नंबर पर गौला में पंजीयन देने के फैसले पर सहमति जताई है। वहीं गौला खनन से जुड़े अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के दफ्तर में सोमवार को डीएफओ नीतिश मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में खनन समिति की बैठक में हुई। बैठक में उन्होंने गौला खनन की तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि डंपर एसोसिएशन का दावा है कि जो वाहन दूसरे प्रदेशों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल सकता, जबकि नंबर बदलने पर वन विकास निगम से मिलने वाला पंजीयन खतरे में पड़ जाएगा। इस पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि उत्तराखंड को छोड़ कर बाहरी प्रदेशों के वाहन पहले परिवहन विभाग में पंजीयन कराएंगे। इस पर उन्हें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी मिल जाएगी। साथ ही वाहन की रजिस्ट्रेशन कॉपी में पुराने के साथ ही नया नंबर लिखा होगा। इसके आधार पर वन निगम इन वाहनों को गौला में पंजीयन का नवीनीकरण कर देगा। वहीं गौला नदी में शीशमहल, बेरीपड़ाव गेट पर सीमांकन, सड़क न बनने के लिए नदी में पानी का हवाला दिया। आरएफआईडी चिप को चालू करने, धर्मकांटा, ई रवन्ना आदि तैयारियों को लेकर भी समीक्षा की गई। बैठक में एआरटीओ गुरुदेव सिंह, आरएम एमपीएस रावत, डीएलएम एनके वार्ष्णेय, एसडीओ डीएस मर्तोलिया, रेंजर गणेश त्रिपाठी, मनोज पांडे आदि थे।