फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुट बनाकर निर्वाण में रहता था तारिफ

विज्ञापन
विज्ञापन
गुट बनाकर निर्वाण में रहता था तारिफ
विज्ञापन

हल्द्वानी।
निर्वाण में इलाज करा रहे मरीजों की मानें तो तारिफ अंदर एक गुट बनाकर रहता था। गुट के सदस्य कर्मचारियों की बातों को अनसुना करते थे। कर्मचारियों और मरीजों के गुट में दरार पड़ने की वजह भी मारपीट का एक अहम कारण माना जा रहा है।
काशीपुर के रवि ने बताया कि घटना के समय उसका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया था। चीख पुकार और मारपीट की आवाज सुनकर वह बाहर निकलना चाहता था। इस बीच गुड्डू ने उसका दरवाजा खोला तो वह मारपीट के बीच बचाव करने के लिए आया लेकिन उसे भागने वालों ने धक्का दे दिया था। उस समय कामिल के हाथ में चेन और तारिफ के हाथ में जनरेटर का हैंडिल था। दोनों गेट की चाभी नहीं देने पर कर्मचारी संजय की पिटाई कर रहे थे। तारिफ एसी कमरे में रहता था लेकिन गुटबाजी के लिए वह अन्य मरीजों को बुला लेता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सितारगंज के कासिब का कहना है कि उसने घटना के समय सुरेंद्र उर्फ संजय की पिटाई देखी थी। इसी कारण वह बीच में नहीं पड़ा। संस्था के लोगों का कहना था कि वह बाहर से भी मरीजों को अच्छा खाना मंगाकर देता था। बाहर निकलने पर तारिफ कई लोगों को कलियर शरीफ घुमाया था। बेहिसाब पैसा खर्च करने के कारण दोस्त उसके मुरीद रहते थे। इधर तारिफ के परिजनों का कहना है कि यदि उसके पास जनरेटर का हैंडिल था उसे मारना कैसे मुश्किल हो सकता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें