हल्द्वानी। एचएमटी कर्मचारियों को कैंटीन एलाउंस, अंतरिम राहत और पीएफ के मामले को लेकर शुक्रवार को ईपीएफओ दफ्तर में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। फैक्ट्री प्रबंधन ने ईपीएफओ द्वारा मांगे गए वेतन एवं अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए थे, इसके बाद ईपीएफओ ने फैक्ट्री से वेतन संबंधी दस्तावेज जुटाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन के अड़ियल रुख को लेकर कर्मचारियों में भारी गुस्सा है।
रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री की स्थापना के समय वहां लगभग 1200 कर्मचारी तैनात थे। स्थापना के कुछ साल बाद कंपनी घाटे में गई तो प्रबंधन ने अधिकतर कार्मिकों को वीआरएस देकर विदा कर दिया, जबकि 143 कर्मचारियों ने वीआरएस नहीं लिया। महीना भर पहले ही कंपनी प्रबंधन ने फैक्ट्री में नोटिस चस्पा कर ताले डाल दिए। इससे पहले ही 143 कर्मचारियों की ओर से ईपीएफओ दफ्तर में पीएफ की धनराशि दिलाने की मांग को लेकर धारा 7 (ए) के तहत दावा किया था। उन्होंने अंतरिम राहत और कैंटीन एलाउंस की भी मांग की। जिसके बाद ईपीएफओ ने फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस जारी कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने ईपीएफओ को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
शुक्रवार को फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों के साथ हुई त्रिपक्षीय वार्ता में भी प्रबंधन ने दस्तावेज नहीं दिए। इस पर क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ कुमाऊं आशीष कुमार ने अधिकारियों की तीन सदस्यीय गठित कर फैक्ट्री जाकर दस्तावेज हासिल करने के निर्देश दिए। वार्ता में एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह और महामंत्री मुकेश तिवारी के अलावा प्रबंधन की ओर से बीएस बर्गली मौजूद थे।
एचएमटी से दस्तावेज जुटाने को तीन सदस्यीय कमेटी गठित
कैंटीन एलाउंस और अंतरिम राहत के मुद्दे पर ईपीएफओ दफ्तर में त्रिपक्षीय वार्ता
एचएमटी कार्मिकों के कैंटीन एलाउंस एवं अंतरिम राहत की राशि भुगतान को लेकर बैठक हुई थी। प्रबंधन ने दिसंबर 2016 से 22 मार्च 2019 तक का न तो पीएफ जमा किया है और न ही कोई भी रिकार्ड उपलब्ध कराया है। रिकार्ड जुटाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। उक्त कमेटी में शामिल अधिकारी फैक्ट्री जाकर दस्तावेज हासिल करेंगे। -आशीष कुमार क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ कुमाऊं।