रानीखेत (अल्मोड़ा)। वाहनों को धोने के लिए यहां रोडवेज स्टेशन पर बना वाशिंग िडग निर्माण के तीन महीने में ही जवाब दे गया है। अब इसको लेकर निर्माणदायी संस्था लोनिवि और परिवहन विभाग के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने लोनिवि पर जहां घटिया गुणवत्ता की तोहमत मढ़ी है, वहीं लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि डिग का सीमेंट सेट नहीं होने दिया गया, जिस कारण डग क्षतिग्रस्त हुआ है।
मालूम हो कि जिले के सबसे बड़े रोडवेज डिपो के पास पहले बसों को धोने के लिए वाशिंग डिग नहीं था। बसों को सड़क पर धोया जाता था, जिससे सारा पानी सड़क पर आ जाता था। कुछ माह पूर्व रानीखेत के संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना और छावनी परिषद की पहल के बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने रोडवेज डिपो कार्यशाला के बाहर वाशिंग डिग का निर्माण कराया, लेकिन निर्माण के तीन माह के भीतर ही वाशिंग डिग क्षतिग्रस्त हो गया।
डिग क्षतिग्रस्त होने के बाद लोनिवि और परिवहन विभाग के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। परिवहन विभाग के स्टेशन इंचार्ज हरीश जोशी का कहना है कि लोनिवि ने सही गुणवत्ता से डिग नहीं बनाया। जबकि लोनिवि के सहायक अभियंता केएस बिष्ट का कहना है कि डिपोजिट मद से विभाग ने डिग बनाया। सीमेंट सेट तक नहीं होने दिया गया और वाहनों को धोने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिस कारण डिग क्षतिग्रस्त हुआ है।