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तो क्या प्लास्टिक सर्जन को हटाना पड़ेगा

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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में प्लास्टिक सर्जन पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के मानकों की तलवार लटक रही है। अगर एसोसिएट प्रोफेसर को जनरल सर्जरी में समाहित नहीं किया गया तो उनको बाहर करना पड़ सकता है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में जनरल सर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर का पद खाली है। प्लास्टिक सर्जन के रूप में काम कर रहे डॉ. हिमांशु सक्सेना की नियुक्ति एसोसिएट प्रोफेसर प्लास्टिक सर्जरी के तौर पर हुई है। एमसीआई इस पद को मानने को तैयार नहीं है। जीएमसी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग भी नहीं है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने पूरे मामले से चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना को अवगत करा दिया है। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि डॉ. सक्सेना जनरल सर्जरी में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर काम नहीं करेंगे। सुपर स्पेशलिटी के तहत उनका पद स्वीकृत कराना पड़ेगा। कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि डॉ. सक्सेना को खाली पदों में कहीं समाहित किया जाए।
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एसोसिएट प्रोफेसर प्लास्टिक सर्जन के पद पर हैं तैनात
एमसीआई ने मानने से इंकार किया, जनरल सर्जरी में एसोसिएट प्रोफेसर का पद खाली
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