हल्द्वानी। हल्द्वानी बार एसोसिएशन के संविधान संशोधन का निर्णय बुधवार को होना था लेकिन कुछ अधिवक्ताओं की ओर से आपत्ति के चलते यह कार्य अगली बैठक के लिए टाल दिया गया। अगली बैठक के लिए अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
हल्द्वानी बार एसोसिएशन की आम सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक में संविधान संशोधन कमेटी के पांच सदस्यों यशवंत सिंह नेगी, मोहम्मद यूसुफ , जेएन महतोलिया, बीसी पनेरू, राजीव टंडन के द्वारा संविधान संशोधन से संबंधित ड्राफ्ट रिपोर्ट आम सभा में पढ़ी गई। रिपोर्ट में आम सभा में चुनाव, अर्हता, कार्यकारिणी विस्तार और कल्याण कोष से संबंधित बिंदु शामिल हैं। कुछ अधिवक्ताओं की ओर से उक्त संशोधन के संबंध में पुराने बायलॉज के अध्ययन करने की मांग उठाई गई। इस आपत्ति के बाद संविधान 1978 एवं कमेटी के द्वारा दी रिपोर्ट को पूल क्लर्क हल्द्वानी के पास उपलब्ध करा दी गई। रिपोर्ट को बाल भवन में चस्पा कर अगली बैठक में संविधान संशोधन की तिथि निर्धारित करने की बात कही गई। पहले जब बार एसोसिएशन का संविधान बना था, तब बार के 45 सदस्य थे लेकिन अब सदस्यों की संख्या बढ़कर 700 के करीब हो गई हैं। 40 साल से अभी तक संविधान में संशोधन नहीं हो सका है। बैठक में चंदन सिंह अधिकारी, विनोद जोशी, भूपाल सिंह बिष्ट, मेहरबान कोरंगा, दिनेश मेहता, मोहन बिष्ट, राजीव बिष्ट, अब्दुल मतीन आदि अधिवक्ता रहे। मंच का संचालन सचिव राजेंद्र सिंह मेहरा ने किया।