हल्द्वानी। इस बार मार्च महीने में ही मई जैसे हालात पैदा होने से पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। जहां पिछले साल तक गौला का जलस्तर मार्च महीने में 90 से 100 क्यूसेक तक रहता था वहीं इस बार गौला का जलस्तर मार्च महीने में ही गिरकर 65 क्यूसेक तक पहुंच गया है। इतने पानी में शहर की पेयजल और सिंचाई व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। न सिंचाई के लिए किसानों को पानी मिल पा रहा है और न ही लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है। शहर में मौजूद नलकूपों का जलस्तर भी 20 से 25 फुट तक गिर गया है। करीब आधा दर्जन नलकूपों से पानी मिलना ही बंद हो गया है।
दमुवाढूंगा, तल्ली हल्द्वानी, हल्दीखाल समेत तमाम इलाकों में लोग घंटों तक सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों पर पेयजल का इंतजार कर रहे हैं। जलसंस्थान के टैंकरों इलाकों में भेजे तो जा रहे हैं लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। गौलापारके प्रतापपुर, जीतपुर के अलावा क्षेत्र के पीपल पोखरा, आम पड़ाव, हरिपुर नायक, छड़ायल, हिम्मतपुर तल्ला, डहरिया, सत्या विहार आदि इलाकों में नलकूपों का जलस्तर गिरने से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। गौला से जुड़े इलाकों में भी नदी का जलस्तर गिरने से पेयजल किल्लत बनी है। सभी इलाकों से रोजाना लोग पेयजल किल्लत को लेकर जलसंस्थान दफ्तर पहुंच रहे हैं। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय ने स्वीकार किया कि शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय टैंकरों से प्रभावित इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है।