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स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बाजार

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हल्द्वानी। महिलाएं ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की रीढ़ हैं। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तभी देश व प्रदेश भी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। यह बात परिवहन और समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने एमबी इंटर कॉलेज में सोमवार को राष्ट्रीय सरस मेले के उद्घाटन अवसर पर कही।
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यशपाल आर्य ने कहा कि यह मेला स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने में सफल होगा। पूर्व मुुख्यमंत्री भगत सिह कोश्यारी ने कहा कि गांव-गांव में तैयार होने वाले हस्तशिल्प को बाजार की जरूरत है ताकि ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक उन्नयन हो सके। जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने कहा कि यह मेला महिला सशक्तिकरण के लिए लाभदायक होगा। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि लोग विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगाें पर आधारित वस्तुओं से रूबरू होंगे।
मेला संयोजक मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं ग्राम विकास विभाग उत्तराखंड की ओर से लग रहे मेेले में 13 राज्यों के 153 स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री के लिए स्टाल लगाए गए हैं। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, पूर्व मंत्री रामप्रसाद टम्टा, शांति भट्ट, लाखन निगल्टिया, विजय मनराल, संजय दुम्का, प्रमोद बोरा, शंकर कोरंगा, चतुर सिंह बोरा, हेमंत बगड़वाल, हुकुम सिंह कुंवर, आरएफसी ललित मोहन रयाल, अपर निदेशक आरडी पालीवाल, परियोजना निदेशक बालकृष्ण, डीडीओ रमा गोस्वामी, डीईओ एचएल गौतम आदि थे। मंच पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संचालन हेमंत बिष्ट और नवीन पांडे ने किया।
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माया की हर्बल चाय.. बड़ी कड़क
हल्द्वानी। रामनगर से पहुंची माया गोस्वामी के हाथ की बनी चाय का स्वाद लोगों के सर चढ़ कर बोल रहा है। मां श्यामा देवी स्वयं सहायता समूह का प्रतिनिधित्व करने वाली माया गोस्वामी अकेले ही लोगों को चाय पिला रहीं हैं, चाय भी ऐसी कड़क की जो एक बार पिए वो बार-बार मांगे। मेथी, अदरक, इलायची, सौंफ, सौंठ, काली मिर्च सहित अन्य मसालों से निर्मित चाय की खुशबू यहां आने वाले लोगों को अपनी ओर खींचे चले आ रही है।

सूट पटियाला शाही लगदा है
हल्द्वानी। पटियाला से पहुंचे प्रेम कुमार के स्टॉल पर युवतियों की खासी भीड़ देखी गई। चटख रंग में मौजूद पटियाला सूट युवतियों को इस कदर भा रहे हैं कि आधे सजे स्टॉल पर पहले दिन ही युवतियों को सूट के साथ फूलकारी, दुपट्टा, कुर्तियां खूब भाई।

किलमोडा की जड़ लेने उमडे़ मधुमेह पीड़ित
हल्द्वानी। डीडाहाट से पहुंचे नवीन के स्टॉल पर किलमोडे की जड़ की खासी मांग दिखी। बुजुर्गों की सबसे ज्यादा भीड़ इसी स्टॉल पर देखने को मिली। हर कोई किलमोडे की जड़ खरीदने को आतुर दिखा।

केरल से जड़ी बूटी लेकर पहुंची वनीता
हल्द्वानी। सरस मेले में केरल से पहुंची वनीता को जड़ी बूटी का अच्छा ज्ञान है। वह न केवल जंगलों से जडी़ बूटी एकत्र करती है बल्कि जड़ी बूटी से दर्द निवारक तेल बनाकर स्वरोजगार भी करती है। वनीता ने बताया कि जड़ी बूटी का यह ज्ञान उन्हें उनके पिता से मिला। पिता के साथ कई बार वह जड़ी बूटी एकत्र करने जंगल भी गई। जड़ी बूटी से दर्द निवारक तेल बनाकर उसे लोगों तक पहुंचाना उनका कारोबार है। वनीता के मुताबिक वह जड़ी बूटी से जोड़ों का दर्द दूर करने वाला तेल, झड़ते बालों को रोकने वाला तेल बनाते हैं। वनीता के स्टाल में दर्द निवारक तेल की कीमत 200 रुपये से 500 रुपये शीशी है।

ताकि महिला समूह आत्मनिर्भर हो
हल्द्वानी। हिमाचल प्रदेश से पहुंचे महेश्वरी समूह के करन सिंह के स्टाल में समूह द्वारा हाथ से बनाए गए ऊनी वस्त्र जैसे कोटी, मफलर, हिमाचली टोपी आदि बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। करन का कहना है कि मेले में स्टॉल लगाने का उनका एक ही उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिला समूहों से जुड़े लोगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को आम लोगों तक पहुंचा सकें।

मंडुवे की नमकीन भी आई
हल्द्वानी। कोटाबाग के मनकंठपुर का दुर्गा स्वंय सहायता समूह जैविक वस्तुओं आचार, आंवले का जूस, मंडुवे की नमकीन व मसालों की बिक्री करने पहुंचा है। कार्यकर्ता मोहन बधानी का कहना है कि उनके समूह की आजीविका में वृद्धि कर वह अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मर्निर बनाना चाहते हैं। इस कार्य में उन्हें सरकार की भी हर संभव सहायता मिलती है।
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