हल्द्वानी। एमबपीजी कॉलेज में छुट्टी के दिन परीक्षा कराने पर शिक्षक भड़क गए हैं। उन्होंने बांह पर काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया है। राजकीय शिक्षक संघ ने कुलपति को छुट्टी के दिन परीक्षा नहीं कराने समेत छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा है। कुमाऊं विवि प्रशासन ने स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रम की सेमेस्टर परीक्षाएं रविवार को भी आयोजित कराने का फरमान जारी कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को कॉलेज में बीए, बीकॉम और सायं को बीएससी की परीक्षा आयोजित की गई। इधर छुट्टी के दिन परीक्षा कराने पर राजकीय शिक्षक संघ भड़क गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सिर्फ निजी कार्य के लिए रविवार का ही दिन मिलता है, वहीं कॉलेज के कई कागजी कार्रवाई भी पूरी करनी होती है। अब रविवार को भी परीक्षा होने से शिक्षकों के पास निजी एवं सरकारी काम के लिए भी समय नहीं रहेगा। जिसका खामियाजा परीक्षा एवं शिक्षा संबंधी कामों में देरी से भुगतना होगा। ज्ञापन देने वालों में डॉ. एचएस भाकुनी, डॉ. एमएस मुनौला, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. पूर्णिमा भटनागर, डॉ. हेमंत शुक्ला, डॉ. शांति नयाल, डॉ. नीता पांडे, डॉ. बीआर पंत, डॉ. डीसी पंत, डॉ. नवीन भगत, डॉ. मीरा पांडे, डॉ. लीला तिवारी, डॉ. ऊषा मित्तल, पुष्पा जोशी, नवीन शर्मा आदि मौजूद थे।
ये उठाई मांगें
- गढ़वाल विवि की तर्ज पर परीक्षा अवधि तीन घंटे से घटाकर दो घंटे की जाए।
- परीक्षा सारिणी तैयार करने के दौरान अन्य महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को भी टीम में शामिल किया जाए ताकि तिथि को लेकर त्रुटि न हो।
- परीक्षा कार्यक्रम लंबा होता है इसलिए रविवार को परीक्षा नहीं की जाए ताकि शिक्षक आकस्मिक काम निबटा सके।
- विशेष मांग के तहत 31 दिसंबर और 1 जनवरी की परीक्षा अन्य तिथियों पर कराई जाए।