हल्द्वानी। शिक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को सात निजी स्कूलों में ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। जांच पड़ताल के दौरान बिंदुखत्ता कार रोड पर संचालित एक विद्यालय में बिना मान्यता के कक्षा नौ एवं दस की कक्षाएं चलती पाई गई, जबकि कई स्कूलों ने अपने बच्चे जांच टीम के पहुंचने से पहले ही भगा दिए। इसके अलावा स्कूलों में छात्रों के प्रवेश से लेकर अभिलेखों में कई अनियमितताएं मिलीं हैं, जिस पर विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों में खलबली मची है।
खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में जांच टीम ने शुक्रवार को पीस पब्लिक स्कूल मोटाहल्दू, इंदिरा एकेडमी हल्दूचौड़, चिल्ड्रंस एकेडमी हल्दूचौड़, ग्रीनवुड एकेडमी बिंदुखत्ता, स्पोनसियल स्कूल काररोड बिंदुखत्ता, एचवी कॉन्वेंट स्कूल शांतीनगर टूटी पुलिया, भारती बाल विद्या मंदिर स्कूल मोटाहल्दू में छापा मार कर जांच की। जांच में पाया गया कि स्कूलों में न तो मानक के अनुरूप क्लासरूम थे और न ही अध्यापक रखे गए हैं। छात्रों के प्रवेश से संबंधित तथा अन्य अभिलेख भी आधे अधूरे थे। खंड शिक्षा अधिकारी मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ निजी स्कूल कक्षा आठ तक की मान्यता होने के बावजूद अवैध ढंग से कक्षा नौ एवं दस की कक्षाएं चला रहे हैं। एचवी कॉन्वेंट स्कूल में नौ एवं दस की कक्षाएं बिना मान्यता के चलती मिलीं। इस बारे में स्कूल में मौजूद स्टाफ से मान्यता के अभिलेख मांगे गए तो कोई नहीं दिखा पाया। इसलिए स्कूल प्रबंधन को अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। बीईओ ने बताया कि अन्य निजी स्कूलों में भी बिना मान्यता के नौ एवं दस की कक्षाएं चलाने की शिकायत थी मगर टीम के पहुंचने से पहले बच्चे भगा दिए, लेकिन इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एचॅवी कान्वेंट की शिकायत थी कि टीसी काटने के 1300 रुपये मांग रहे हैं, जिस पर अभिभावक को मौके पर टीसी दिलाई गई। उन्होंने बताया कि स्कूलों में जांच करने पर अभिलेख पूर्ण नहीं पाए गए। नोटिस जारी किए गए हैं तथा एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। बिना मान्यता के कक्षाएं चलाने का मामला सही पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में बीईओ के साथ फूलचौड़ जीआईसी के प्रधानाचार्य राकेश सिंह और कुरियाखत्ता के प्रधानाचार्य शामिल थे। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग को कुछ निजी स्कूलों में बिना मान्यता के कक्षा नौ एवं दस चलाने की शिकायतें मिली थीं।