एसडीएम पंकज उपाध्याय और खनन विभाग की टीम ने शनिवार को गोरा पड़ाव स्टोन कंपनी के भंडारण की पैमाइश की तो उपखनिज का 2015 घनमीटर अधिक भंडारण पाया। एसडीएम ने अधिक भंडारण किए जाने पर कंपनी पर 11 लाख से अधिक का जुर्माना लगाते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी।
तीन दिन पूर्व एसडीएम पंकज उपाध्याय ने गोरापड़ाव स्थित धर्मा कांटे पर शांतिपुरी, पुलभट्टा एवं जमरानी से ओवर लोड डंपरों को कांटे में वजन करते हुए मौके पर ही धर दबोचा था। ये दोनों डंपर शांतिपुरी एवं पुलभट्टा से गोरा पड़ाव स्टोन कंपनी के नाम से 90 कुंतल के रवन्ने पर 250 कुंतल अधिक रेता लेकर आए थे।
जांच में पता चला कि ये डंपर रोजाना 90 कुंतल के रवन्ने पर 250 कुंतल अधिक उपखनिज ला रहे थे। अधिक उपखनिज पाए जाने पर एसडीएम ने गोरा पड़ाव स्टोन कंपनी को तीन दिन के लिए सीज कर दिया था। कंपनी से दस्तावेज तलब किए गए।
कंपनी के प्रबंधक सतीश कुमार सहगल ने शुक्रवार दस्तावेज एसडीएम कार्यालय में पेश किए। शनिवार को एसडीएम पंकज उपाध्याय और उपनिदेशक खनन कुमाऊं राजपाल लेघा ने गोरापड़ाव स्टोन कंपनी पहुंच कर कंपनी में अवैध रूप से किए गए भंडारण की पैमाइश की।
कंपनी द्वारा मानकों को पूरी तरह ताक में रखते हुए 2015 घनमीटर से अधिक उपखनिज अवैध रूप से खरीदा गया। इस पर प्रशासन ने गोरापड़ाव स्टोन कंपनी पर 11 लाख से अधिक का जुर्माना ठोका है। इस कार्रवाई से अन्य स्टोन कंपनियों में खलबली मची है। इस दौरान बिनोद पांडे सर्वेयर, महेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, मदन सिंह, बृजेश कुमार समेत तमाम लोग उपस्थित थे।