हल्द्वानी (नैनीताल)। रामनगर से किशोरी को बहला फुसलाकर काशीपुर ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर की कोर्ट ने अभियुक्त को 20 साल की कैद की सजा सुनाई। उस पर 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मुकदमे के विचारण के दौरान दूसरे आरोपी ने सुशीला तिवारी अस्पताल मेें आत्महत्या कर ली थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार, रामनगर क्षेत्र की रहने वाली 17 साल की किशोरी को 29 सितंबर 2016 को मिशन स्कूल तिराहे से दो लोगों ने बहला फुसलाकर बाइक पर बैठाया और काशीपुर में हरियावाला गली के एक मकान में ले गए। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी देकर छोड़कर चले गए। किशोरी के पिता ने अज्ञात युवक के खिलाफ रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस की जांच से पता चला कि किशोरी को मुरादाबाद जिले के नाखूनका सुल्तानपुर बेलारी निवासी शाहनवाज उर्फ खाना भाई और रामनगर निवासी आकिल उर्फ अंकित बाइक से ले गए थे। नौ अक्तूबर 2016 को पुलिस ने दोनों को बाइक के साथ ठाकुरद्वारा रोड से गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी और गिरजाशंकर पांडे ने 11 गवाह पेश किए। अदालत ने शाहनवाज को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाया। इस घटना में शामिल दूसरे आरोपी आकिल ने सुशीला तिवारी अस्पताल में आत्महत्या कर ली थी। अदालत ने अभियुक्त शाहनवाज को धारा 363 के तहत तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 के तहत पांच साल की सजा और दस हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 506 के तहत छह माह की सजा, पॉक्सो की धारा छह के तहत 20 साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।