नैैनीताल। एडीबी से वित्त पोषित शहरी विकास विभाग की शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी सरोवरनगरी की पेयजल व्यवस्था को भी सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम से जोड़ने जा रही है। इसके बाद पेयजल वितरण की ऑटोमेटिक निगरानी हो पाएगी। इससे पलभर में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही पानी सप्लाई की जानकारी के साथ ही लाइनों के फाल्ट और कहा पानी नही पहुंच पा रहा है उसका पता लगेगा। विभाग का दावा है कि सिस्टम लगने के बाद नगर के लोगों को 24 घंटे पानी की सप्लाई मिल पाएगी। वहीं स्काडा सिस्टम से नगर की पेयजल लाइनों को जोड़ने के लिए उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी शहरी विकास विभाग डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है। आने वाले 30 साल बाद तक नगर की जनसंख्या को ध्यान में रखकर इस प्रोजेक्ट को बनाया गया है। इसमें अनुमानित 50 करोड़ खर्च आने की संभावना है।
स्काडा से जुड़ेंगी सरोवरनगरी की पेयजल लाइनें
सिस्टम लगने के बाद आटोमैटिक पानी सप्लाई की होगी निगरानी
पहले चरण में प्रदेश के नौ शहरों में संचालित होगा स्काडा सिस्टम
उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने की कर रहा है तैयारी
तीस वर्ष बाद तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर अनुमानित 50 करोड़ होगा प्रोजेक्ट में खर्च
स्काडा सिस्टम से जोड़ने के लिए पहले चरण में उत्तराखंड के सात शहरों को चिन्हित किया गया है। इनमें से नैनीताल और देहरादून को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं, इसमें रामनगर, हल्द्वानी, कोटद्वार, हरिद्वार और रुड़की को भी शामिल किया गया है। नैनीताल नगर में आगामी 30 सालों के बाद की जनसंख्या को ध्यान में रखकर इस प्रोजेक्ट को बनाया गया है। इसमें अनुमानित 50 करोड़ रुपया खर्च होगा, जो एडीबी से वित्त पोषित प्रोजेक्ट है। इस सिस्टम के लगने के बाद जहां पानी की बर्बादी रुकेगी वही लोगों के पैसे की भी बचत होगी। -मयंक अग्रवाल (वाटर वेस्ट वाटर एक्सपर्ट टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स बंगलूरू)