हल्द्वानी। जमीन के अभाव में उपकेंद्र बनाने की योजना परवाना नहीं चढ़ पा रही है। फूलचौड़ में 220केवी और 132केवी उपकेंद्र बनाने की योजना पर मंथन चल रहा है। हालांकि योजना को लेकर पिटकुल और ऊर्जा निगम एकमत नहीं है। दूसरी ओर 220 केवी उपकेंद्रों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की योजना है। इसमें करीब 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस बार गर्मियों में लोड अधिक बढ़ गया था। लाइनें ओवरलोड होने के कारण उपकेंद्रों का लोड भी शिफ्ट करना पड़ा था। कमलुवागांजा 220केवी उपकेंद्र को बचाने के लिए अलग-अगल उपकेंद्रों के फीडर भी बंद कराए गए। बिजली संकट से निपटने के लिए अब अधिकारी मंथन करने में जुटे हुए हैं। हालांकि पिटकुल और निगम के अधिकारियों की राय-राय अलग-अलग हैं। एसई नैनीताल मंडल शेखर त्रिपाठी का कहना है कि फुटकुआं में 220केवी उपकेंद्र बनाया जाएगा। साथ ही फूलचौड़ में 132केवी उपकेंद्र बनाने के लिए पिटकुल को दो बार पत्र लिखा जा चुका है, जबकि पिटकुल के सीई एनसी तिवारी का कहना है कि निगम के पास फूलचौड़ में पर्याप्त जमीन है। फूलचौड़ में 220केवी उपकेंद्र बनाने पर नई लाइन नहीं बनानी पड़ेगी। वहां से एक लाइन गुजर रही है और टावर खड़ा करने के साथ ही अन्य काम हो जाएंगे। 220केवी उपकेंद्र बनने के बाद 132केवी उपकेंद्र की जरूरत नहीं रह जाएगी। अगर निगम जमीन दिला दे तो उपकेंद्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। तिवारी ने बताया कि हल्द्वानी 220केवी कमलुवागांजा उपकेंद्र में 40 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। ट्रांसफार्मर पर लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। किच्छा में 40 एमवीए पर पांच करोड़, जसपुर में 40 एमवीएम पर सात करोड़, पिथौरागढ़ में 40 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च होंगे।