हल्द्वानी। दुग्ध संघों और राज्य सहकारी दुग्ध संघ में कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने 19 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को नियम विरुद्ध योग्य घोषित कर दिया। अब इन समितियों में चुनाव कराकर दुग्ध संघों में कब्जा जमाने की तैयारी चल रही है।
प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में प्रबंध कमेटी के चुनाव की तिथि जारी हो गई है। 22 मई को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में चुनाव होना है। नियमों की बात करें तो सोसाइटी में चुनाव लड़ने और सदस्य होने के लिए एक वित्तीय वर्ष में 180 दिन और 300 लीटर दूध की आपूर्ति अनिवार्य है।
साथ ही सहकारी समिति का सचिव समिति की प्रबंध समिति का न तो सदस्य हो सकता है और न उसे मत देने का अधिकार होगा। साथ ही 10 या इससे अधिक सदस्यों की समिति ही चुनाव के लिए योग्य होंगी।
भाजपा किसी भी हालत में दुग्ध संघों और राज्य सहकारी दुग्ध संघ में कब्जा जमाना चाहती है। इसी के तहत भाजपा ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर नैनीताल जिले की 19 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में सचिव को सदस्य के रूप में शामिल करके उन्हें चुनाव के लिए योग्य घोषित करा दिया है। उधर कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ने वाले सदस्यों ने एमडी यूसीडीएफ से शिकायत की है।
इन समितियों की गई है शिकायत
खस्सी भोज, उदयपुरी प्रथम, जोशी खोला, रीखाकोट, खीला, दिपारी, छीमी, मगरू, प्यूड़ा, मानपुर पश्चिम, नंदपुर गेदुवा, सोनकोट, गौतमनगर, भवानीपुर बड़ी, पीरूमदारा, सक्खनपुर, तल्ली हल्द्वानी, पश्यांकोडार, बडौन
प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में 10 और इससे अधिक सदस्यों वाली समिति में ही बोर्ड का चुनाव होगा। सचिव समिति का सदस्य होता है और सदस्यों में उसकी गिनती भी होती है। वह प्रबंध समिति में नहीं रह सकता न उसे वोट देने का अधिकार होता है। मुझे मौखिक शिकायत मिली थी। ये मामला चुनाव अधिकारी देख रहे हैं।
- संजय खेतवाल एमडी यूसीडीएफ
19 समितियों को योग्य घोषित किया, कई सोसाइटी में नियम विरुद्ध समिति सचिव को भी बना दिया वोटर