हल्द्वानी। निजी एवं पब्लिक स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू होने का असर दिखाई देने लगा है। जिन पब्लिक स्कूलों का छोटी कक्षाओं का कोर्स दो से तीन हजार रुपये कीमत में आता था, वह अब मात्र ढाई सौ रुपये में आने पर अभिभावक चौंक जा रहे हैं। पब्लिक स्कूल के अभिभावक बुधवार को मंगलपड़ाव स्थित पुस्तक विक्रेता के पास पहुंचे तो वह किताबों की कीमत सुनकर चौंक गए। किताबों की कीमत कम होने से तो खुश थे मगर उन्होंने इस बात पर पुस्तक विक्रेता से जरूर सवाल किया कि क्या उनके बच्चे सिर्फ तीन किताबों से ही पढ़ेंगे। अभिभावकों के इस सवाल का पुस्तक विक्रेता के पास कोई जवाब नहीं था।
नया सत्र शुरू होने में अब केवल चार दिन बाकी हैं लेकिन तमाम निजी और पब्लिक स्कूलों ने नये सत्र के कोर्स की सूची नहीं दी है। स्कूल संचालकों को अभी भी उम्मीद है कि एनसीईआरटी पुस्तकों को लेकर हाइकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई में फैसला स्कूलों के पक्ष में आ सकता है। बावजूद इसके निर्मला कॉन्वेंट स्कूल ने अपने यहां के बच्चों को एनसीइआरटी पुस्तकें लेने के लिए सूची जारी कर दी है। बुधवार को मंगलपड़ाव स्थित पूरनमल एंड संस पुस्तक विक्रेता के यहां बच्चों का कोर्स लेने के लिए अभिभावकों की भीड़ लगी थी। कक्षा एक का कोर्स 178 रुपये, कक्षा दो का 194 रुपये, कक्षा तीन से पांच तक का कोर्स 238 रुपये कीमत में आने पर अभिभावक चौंक गए। पुस्तक विक्रेता का कहना था कि पहले यही कोर्स दो से तीन हजार रुपये तक का बैठता था। लेकिन किताबों की संख्या काफी अधिक होती थी। कोर्स के साथ कॉपियां लेने पर 350 रुपये और जोड़ दें तो 600 से 700 से अधिक का कोर्स नहीं बैठा।