हल्द्वानी। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रहे प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा का भी हाल बेहाल है। पुरानी बकाएदारी अदा हुई नहीं है और योजना बंद होने के बाद से अभी तक लाखों रुपये का बकाया हो गया है। ऐसे में सवाल यह है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं कब स्वस्थ होंगी।
अप्रैल 2015 में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू हुई थी। योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख परिवार जुड़े थे। अप्रैल 2015 से लेकर नौ नवंबर 2017 तक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लगभग एक लाख से अधिक परिवारों को मिला था। नौ नवंबर को योजना बंद हो गई थी। योजना बंद होने के बाद से अभी तक ढाई से तीन करोड़ रुपये की बकाएदारी अदा नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो 15 नवंबर 2017 से योजना के बिना बीमा कंपनी के शुरू होने के बाद से अभी तक लगभग सात हजार परिवारों ने इलाज कराया है। इलाज के एवज में 88 लाख रुपये का बकाया हो गया है। अस्पतालों को अभी बकाया राशि अदा नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में ढाई से तीन करोड़ की है बकाएदारी
नवंबर से अभी तक मात्र छह हजार का हुआ इलाज और 88 लाख रुपये का बकाया
अप्रैल 2015 से 9 नवंबर 2017 तक हुए थे एक लाख लोगों को इलाज
पुराने बकाए के लिए प्रयास किया जा रहा है कि बीमा कंपनी भुगतान करे। राज्य अपना हिस्सा का भुगतान करने को तैयार है। योजना बंद होने के बाद का जो बकाया उसे सरकार अदा करेगी।
प्रकाश पंत वित्त मंत्री