हल्द्वानी। हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम में 36 गांव शामिल होने के बाद अब भाजपा के अंदरूनी राजनीति गरमा गई है। भाजपा से प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट भी मेयर पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। भाजपा का एक खेमा उनके लिए जोड़तोड़ में जुट गया है। अपनी सीट खतरे में पड़ता देख मेयर जोगेंद्र रौतेला भी पांच दिन तक देहरादून में डेरा डाले रहे।
प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट और विधायक भगत की कालाढूंगी विधानसभा से टिकट पाने को लेकर कई बार गुटबाजी सामने आ चुकी है। सूत्रों की मानें तो निगम परिसीमन के दौरान गजराज के गांव को मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने जुड़वाया था। उस दौरान विधायक भगत ने मुख्यमंत्री से इसकी आपत्ति दर्ज की थी और गजराज के गांव को निगम में शामिल होने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन उनकी नहीं चल पाई।
सूत्रों के मुताबिक अब प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट ने भी मेयर का चुनाव लड़ने में हामी भर दी है। इससे मेयर चुनाव में नए समीकरण उभर के सामने आने लगे हैं। मेयर जोगेंद्र रौतेला कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के गुट के माने जाते हैं। गजराज को टिकट मिलने की आशंका से मेयर जोगेंद्र रौतेला पांच दिन देहरादून में डेरा डाले रहे।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज भी दौड़ मेें शामिल, गजराज खुद भी सहमत
भाजपा के दिग्गजों ने खुद कराया था गजराज के गांव को निगम में शामिल
सीट खतरे में पड़ता देख मेयर ने पांच दिन देहरादून में डाला था डेरा
कालाढूंगी से विधायक का टिकट नहीं मिलने से पार्टी दे सकती है मेयर का टिकट
शासन ने मेरे गांव को नगर निगम में शामिल किया है। मैंने 2007 से अपने लिए टिकट मांगना छोड़ दिया है। भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री का जो भी निर्णय होगा मैं उसके लिए तैयार हूं। मेयर का टिकट मिला तो मैं चुनाव लड़ूंगा।
- गजराज बिष्ट प्रदेश महामंत्री भाजपा
....तो सामान्य हो सकती है यह सीट
हल्द्वानी। भाजपा इस सीट को सामान्य करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि इस बार आरक्षण तय करने के लिए रोस्टर नए निगमों को शामिल करते हुए नए सिरे से तय करने की तैयारी है। इस बार कोटद्वार और ऋषिकेश निगम में पहली बार चुनाव होंगे। माना जा रहा है कि गजराज की दावेदारी को देखते हुए यह जोड़तोड़ करने की कोशिश है।