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उमा की मौत के बाद नौकरों से भरोसा टूटा

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हल्द्वानी। दवा व्यवसायी पंकज कंसल की पत्नी उमा कंसल की घटना के बाद लोगों का नौकरों पर से भरोसा उठ गया। अदालत द्वारा सजा देने पर पंकज कंसल ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
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दवा व्यवसायी पंकज कंसल अपने नौकर संतोष को परिवार के सदस्य की तरह मानते थे। उनकी पत्नी उमा भी उसका बेटे की तरह ख्याल रखती थी। उन्हें क्या पता था कि नौकर के दिल में क्या पल रहा है। नौकर को हिंदी नहीं आती थी। वह पहाड़ी भाषा ही समझता था। इसी कारण परिवार के सदस्य उससे इशारे-इशारे में बात करते थे। दवा व्यवसायी की पत्नी अपने नौकर संतोष पर पूरा घर छोड़कर चल देती थी। परिवार के लिए संतोष भरोसे का नाम था। गिरफ्तारी के बाद संतोष ने पुलिस को बताया कि व्यवसायी का परिवार नौकरानी रीना की बात पर यकीन करते थे। रीना उसके ऊपर आदेश चलाती थी। इसी कारण वह नौकरानी को मारना चाहता था। मारते समय चाकू का टेढ़ा हो गया। नौकरानी ने खुद को बाथरूम में बंद कर दी। मालकिन ने फोन से उसकी शिकायत मालिक से की तो उसने मालकिन (उमा) पर बेस बैट से हमला कर दिया। हमले के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर बाजार के लोग अपने नौकरों से सतर्क हो गए। क्योंकि चार सालों से रह रहे नौकर ने भरोसे का कत्ल कर दिया था। सजा की जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने दवा व्यवसायी पंकज से प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल बात नहीं करना चाहते हैं। पत्नी की याद आते ही उनका मन गहरी सोच में डूब गया। व्यवसायी की एक बेटी और बेटा मौजूद हैं।
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