पतलोट (नैनीताल)। सुदूरवर्ती ओखलकांडा ब्लॉक के गांवों में दो दिन में दो बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। कई अन्य परिवारों के लोग भी बुखार से पीड़ित हैं। घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बीमार लोगों के इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम गांव में भेजने की मांग की है।
गालपाधूरा निवासी घनश्याम परगांई के पुत्र प्रकाश चंद्र (9) की बृहस्पतिवार को तेज बुखार के बाद मौत हो गई जबकि ककोड़ क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कृष्णानंद कांडपाल ने बताया कि बुखार से पीड़ित ग्राम अधोड़ा निवासी गोपाल सिंह मेहरा के तीन वर्षीय कार्तिक मेहरा की भी बुधवार को मृत्यु हो चुकी है। गालपाधूरा निवासी घनश्याम परगांई के घर में चार बच्चे भी बुखार से पीड़ित हैं। तोक के महादेव परगांई, बद्री दत्त परगांई, मोहन परगांई, हरीश चंद्र के बच्चे, महिलाओं को भी बुखार है। स्थानीय निवासी हरीश परगांई ने बताया कि अधिकतर ग्रामीणों में बुखार, खांसी की शिकायत है। पदमपुर मिडार और इसके आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण ग्रामीण इलाज नहीं करा पा रहे हैं। वह घरेलू उपचार या झोलाछाप के सहारे हैं। पदमपुर मिडार के प्रधान गोविंद बल्लभ भट्ट ने धारी की एसडीएम को सूचना दे दी है। ग्रामसभा सुवाकोट पोखरी पोखरी में भी बुखार से पीड़ित पान सिंह कुंवर और उनकी पत्नी को इलाज के लिए हल्द्वानी ले जाया गया है। जिला पंचायत सदस्य कांडपाल ने बताया कि अधोड़ा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत फार्मेसिस्ट भी यहां नहीं हैं। लोगों को इलाज के लिए ओखलकांडा या हल्द्वानी ही जाना पड़ रहा है। विधायक राम सिंह कैड़ा ने बताया कि क्षेत्र में बुखार फैलने की सूचना पर सीएमओ से गांव में चिकित्सकों की टीम भेजने को कहा गया है। धारी की एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि ओखलकांडा ब्लॉक के गालपाधूरा में बुखार से बच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद पटवारी को मौके पर भेजा गया। शीघ्र ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर बीमार पड़े लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करा उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।