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खाली प्लाट में पड़ी मिली तेंदुए की खाल

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खाली प्लाट में पड़ी मिली तेंदुए की खाल
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हल्द्वानी।
ट्रांसपोर्ट नगर के पास मंडी गेट से सटे खाली प्लाट में सोमवार को ट्रक के नीचे तेंदुए की खाल पड़ी मिली। कालोनी वालों के जमा होने पर पुलिस पहुंच गई। बाद में वन अधिकारियों ने खाल को कब्जे में ले लिया।
ट्रांसपोर्ट नगर से फ्रेंडस कालोनी की ओर जाने के लिए मंडी से सटा एक खाली प्लाट है। कच्चा मार्ग होने की वजह से यह कालोनी वालों के आने जाने का अस्थायी रास्ता भी है। यहां डंपर और ट्रक भी खड़े हो जाते हैं। सोमवार को सुबह कालोनी के बच्चों ने बताया कि ट्रक के नीचे बाघ की खाल पड़ी हुई है। बाघ की सूचना पर कालोनी वासियों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे क्षेत्र के ही कृपाल मेहरा ने मंडी चौकी पुलिस को सूचना दी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के एसडीओ नवीन चंद्र पंत भी मौके पर पहुंचे। टीम ने मुआयना किया तो पता चला कि खाल तेंदुए की है। वन टीम ने आसपास वालों से पूछताछ की फिर खाल को कब्जे में ले लिया। गुलदार की खाल में कोई कट और गोली का निशान नहीं है जिससे आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए को जहर देकर मारा गया होगा फिर खाल निकाली होगी। बारीकी से की गई जांच में पांच-छह सेमी लंबी पूंछ व आंख का हिस्सा भी मिला है। खाल की नाप से अनुमान लगाया जा रहा है कि मारे गए तेंदुए की उम्र एक साल या उससे कम होगी। वन विभाग अब यह पता लगा रहा है कि आखिर तेंदुए की खाल यहां तक कैसे पहुंची। वन मुखबिरों को भी अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान मंडी चौकी प्रभारी दिनेश नाथ महंत, आशू, मनोज जोशी, भव्य रावत आदि मौजूद थे।
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सही दाम नहीं मिला तो कूड़े में फेंक दी होगी

वन विशेषज्ञों के अनुसार तस्करों ने तेंदुए को मारने के जाल तो बिछाया लेकिन चंगुल में एक साल से भी कम का तेंदुआ फंसा। तस्करों ने तेंदुए की खाल तो निकाल ली लेकिन इस छोटी खाल का सही दाम नहीं मिलता। खाल को पुलिस, वन से बचाकर नेपाल बार्डर पार कर चीन तक पहुंचाने में जितना रिस्क है उतना मुनाफा नहीं होगा इसलिए तस्कर ने खाल यूं ही फेंक दी होगी। खाल बिलकुल साफ है बता दें कि खाल की लंबाई के आधार पर ही दाम तय होते हैं।
शक्तिवर्धक दवाएं और फैशन वाले कपड़ों में होता है इस्तेमाल

तेंदुए सूची-1 में आता है। इसकी खाल का चीन में फैशन क्लाथ और शक्तिवर्धक दवाओं के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। नेपाल के जरिए चीन तक पहुंचने वाली खाल का सौदा आमतौर पर 8-10 लाख रुपये में होता है।
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कोट
खाल से तेंदुए की उम्र एक साल या उससे भी कम लगती है। खाल साफ है इसलिए तस्करी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। खाल को न्यायालय में दिखा कर मामले की जांच शुरू की जाएगी।
नवीन चंद्र पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी, तराई केंद्रीय वन प्रभाग
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