हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में शिक्षक शिक्षा विद्यालय (सीटीई) की ओर से आयोजित ‘क्रियात्मक अनुसंधान’ विषय पर आधारित तीन दिनी कार्यशाला का समापन हो गया। प्राचार्य डॉ.जीएस बिष्ट ने कहा कि भविष्य में शिक्षक प्रशिक्षुओं को भारत की नींव सुदृढ़ करने के लिए आज के छोटे बालकों पर विशेष ध्यान देना होगा।
समापन सत्र में समन्वयक डॉ.शुभ्रा कांडपाल ने बताया कि इसके द्वारा सेवापूर्ण प्रशिक्षु वास्तविक कक्षा शिक्षण में आने वाली जटिलताओं को भी सरलता से सुलझा सकते हैं। सह समन्वयक डॉ. रेनू रावत ने भी जानकारी दी। इससे पहले कार्यशाला के प्रथम, द्वितीय सत्र में सभी प्रतिभागियों को दस समूह बनाकर विभिन्न राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में चीफ प्राक्टर डॉ. विनय विद्यालंकार, डॉ. टीसी पांडे, डॉ. एचएस भाकुनी, डॉ. तनुजा मेलकानी, डॉ. प्रियंका सांगुड़ी, गिरिजा रौतेला, डॉ. अर्जुन आदि थे।
शिक्षक प्रशिक्षुओं को बच्चों के बेहतर शिक्षण पर ध्यान देना होगा
एमबीपीजी कॉलेज में तीन दिनी कार्यशाला का समापन