भीमताल (नैनीताल)। जिले के भीमताल, नौकुचियाताल के पैराग्लाइडिंग संचालकों के लिए अच्छी खबर है। भीमताल, नौकुचियाताल में बंद पैराग्लाइडिंग साइटों को अगले माह तक खोलने की तैयारी की जा रही है। शासन से अनुमति मिलते ही जनवरी के अंत तक पैराग्लाइडिंग के खुलने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए पैराग्लाइडिंग नियमावली में सैलानियों की सुरक्षा के लिए बेहद कड़े नियम लागू किए गए हैं ताकि पैराग्लाइडिंग संचालक उन नियमों का पालन कर सुरक्षा की दृष्टि से ही सैलानियों को पैराग्लाइडिंग करा सकें। इसके लिए पैराग्लाइडिंग नियमावली में संशोधित नई तकनीकों से शासन को भी अवगत करा दिया गया है। दिसंबर में उत्तराखंड पर्यटन विकास देहरादून के पैराग्लाइडिंग विशेषज्ञों द्वारा भीमताल, नौकुचियाताल के पैराग्लाइडिंग संचालकों का इंटरव्यू, पायलटों का अनुभव, लिखित परीक्षा हुई थी। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है। शासन को रिपोर्ट मिलने के बाद जनवरी के अंत तक पैराग्लाइडिंग खुलने की उम्मीद है।
पैराग्लाइडिंग शुरू करने की तैयारी
नए साल से मानकों के अनुरूप ही उड़ सकेंगे पैराशूट
पैराग्लाइडिंग नियमावली के तहत पूरे किए जा रहे मानक
सुरक्षा के अनुरूप ही उड़ेंगे पैराशूट
पर्यटन निदेशालय देहरादून के जिला खेल शासकीय अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि पैराग्लाइडिंग नियमावली के बाद अब सैलानियों की सुरक्षा बेहद अहम हो गई है। इसके लिए अनुभवी पायलट को ही पैराशूट उड़ाने का लाइसेंस दिया जाएगा। पैराग्लाइडिंग करते समय रिजर्व पैराशूट का होना भी जरूरी होगा। नियमावली के तहत दो या तीन टेकऑफ स्थल, तीन लेंडिंग स्थलों से ही बारी-बारी से पैराग्लाइडिंग कराने की योजना है। ताकि सैलानियों की जान से कोई खिलवाड़ न हो सके। चौहान ने कहा कि क्षेत्र में जितनी भी पैराग्लाइडिंग हैं, वह सभी सुरक्षा की दृष्टि से एक साथ मिलकर काम करें। नियमावली में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया है।
नियमावली में ये टीम है शामिल
पैराग्लाइडिंग नियमावली में यूरो क्लब ऑफ इंडिया, बीएसएफ, उत्तराखंड पैराग्लाडिंग एसोसिएशन, एडवेंचर स्पोर्ट्स ऑफिसर की टीम जुड़ी है।