हल्द्वानी। शासन ने एशियन विकास बैंक (एडीबी) के तहत 588 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार से समन्वय करने की जिम्मेदारी उच्चशिक्षा निदेशालय से वापस ले ली है। इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी अब अपर सचिव उच्चशिक्षा को बनाया है।
प्रदेश के 100 राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं, लैब और फर्नीचर उपलब्ध कराए जाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। एडीबी के 588 करोड़ के प्रोजेक्ट की स्वीकृति के लिए मानव संसाधन मंत्रालय एवं आर्थिक मामले विभाग वित्त मंत्रालय भारत सरकार से राज्य सरकार की ओर से समन्वय स्थापित करने के लिए अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह ने छह जून को उच्चशिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल को नोडल अधिकारी नामित किया था। नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इधर, उच्चशिक्षा निदेशालय में सहायक निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने निदेशालय से किसी डिग्री कॉलेज में तबादला करने का अनुरोध पत्र भेज दिया। तत्कालीन प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. सविता मोहन ने उनका स्थानांतरण करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया। शासन ने उनका स्थानांतरण कोटद्वार स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर दिया। इधर, शासन ने एडीबी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अपर सचिव उच्चशिक्षा अहमद इकबाल को सौंप दी है। वहीं, डॉ. अग्रवाल को कोटद्वार स्थानांतरित होने के बाद भी शासन ने केंद्र सरकार स्तर पर समन्वय हेतु सहायता किये जाने के लिए नियुक्त किया है। इसके लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के आदेशित किया गया है।
पहले उच्च शिक्षा निदेशालय को दी गई थी जिम्मेदारी, अब अपर सचिव को बनाया नोडल अधिकारी
एडीबी के तहत 100 राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सुविधाएं जुटाई जानी है