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आंदोलनकारियों ने राज्यमंत्री को भी बैरंग लौटाया

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुंवाली क्षेत्र में आंदोलनरत लोगों को मनाने पहुंची क्षेत्रीय विधायक और राज्य मंत्री रेखा आर्या को भी बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया, कहा कि सहकारी बैंक की शाखा खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी राष्ट्रीकृत बैंक की शाखा को लेकर अड़े रहे। आंदोलनकारियों का कहना था कि आठ सूत्री मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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कुंवाली में एलोपैथिक अस्पताल खोलने, क्षेत्र की सड़कों की हालत सुधारने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं। इस बीच संयुक्त मजिस्ट्रेट भी अधिकारियों को लेकर आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास कर चुके हैं लेकिन बात नहीं बन सकी। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन ही देते हैं, कुछ करते नहीं हैं। कहा कि राज्य मंत्री मौके पर पहुंची, अधिकांश समस्याएं भी राज्य सरकार के माध्यम से ही हल हो जानी चाहिए थी, मंत्री सिर्फ आश्वासन देकर आंदोलन तुड़वाना चाहती हैं। इस दौरान आंदोलन को उग्र रूप देने पर भी सहमति बनी। वार्ता में संघर्ष समिति के रघुवर सिंह परिहार, रघुवर दत्त जोशी, दीवान सिंह बिष्ट, हेम पांडे, राजेंद्र बिष्ट, दीन दयाल जोशी आदि थे।

राष्ट्रीयकृत बैंक खोलने की मांग 1995 से
कुंवाली क्षेत्र में 12 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि डेढ़ हजार से अधिक सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, बैंक नहीं होने के कारण उन्हें 20 से 30 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीण इस मांग को लेकर 1995 से आंदोलनरत हैं, जबकि एक साल पहले विधायक सहित तमाम जनप्रतिनिधियों का घेराव भी हो चुका है।
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