हल्द्वानी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने डिपोजिट लिंक बीमा योजना (ईडीएलआई) की न्यूनतम सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ा कर ढाई लाख कर दिया है जबकि अधिकतम सीमा छह लाख रुपये ही रखी गई है। इस योजना से कुमाऊं के दो लाख से ज्यादा अंशधारकों को फायदा मिलेगा।
भविष्य निधि का हर अंशधारक इस योजना के तहत लाभार्थी है। 1976 में शुरू की गई इस योजना में सेवा काल के दौरान लाभार्थी की मौत होने पर नॉमिनी को इस योजना का लाभ मिलता है। पूर्व में इस योजना में न्यूनतम 1.5 लाख रुपये बीमा की रकम दी जाती है। 15 फरवरी को केंद्र ने इस योजना की न्यूनतम की राशि को एक लाख रुपये बढ़ाने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। अब यह रकम 2.5 लाख रुपये कर दी गई है। आयुक्त कार्तिकेय सिंह ने बताया कि छह जिलों के दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों को इसका फायदा होगा।